कृषि सेवाओं के नाम पर दबंगई, खाद वितरण और कार्यशैली पर गंभीर सवाल
SIDHARTHNAGAR NEWS: विकास खण्ड बढ़नी के ढड़उल गांव में संचालित साधन सहकारी समिति बैरिहवा एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि समिति के सचिव और उसके पुत्र ने लाइन में लगे धनौरा बुजुर्ग निवासी किसान जमुना पुत्र कल्लू (उम्र लगभग 60 वर्ष) के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। घटना की सूचना मिलने पर धनौरा बुजुर्ग गांव के प्रधान प्रतिनिधि अलीमुल्लाह मौके पर पहुंचे और जब उन्होंने सचिव से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया, तो सचिव और उसका पुत्र आग-बबूला हो गए और प्रधान प्रतिनिधि पर भी हमला करने के लिए दौड़ पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को संभाला, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। धान की रोपाई के सीजन में भी इसी साधन सहकारी समिति पर मारपीट और बवाल की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन तब कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं होने से आरोपितों के हौसले और बढ़ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि किसान पर जानलेवा हमला और प्रधान प्रतिनिधि जैसे जनप्रतिनिधि पर हमले का प्रयास यह दर्शाता है कि समिति में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। यदि भीड़ समय रहते बीच-बचाव न करती, तो हालात और गंभीर हो सकते थे। लोगों ने समिति के सचिव शेषराम यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया गया कि उनकी कार्यशैली शुरू से ही विवादित रही है और बीते दिनों उसी ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि के साथ दो बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। एक मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से दबंगई जारी है। आरोप है कि जब ऐसे लोग जनप्रतिनिधियों के साथ भी हाथापाई से नहीं चूकते, तो आम किसानों के साथ उनका व्यवहार कितना खराब होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। सवाल उठ रहा है कि किसानों की सेवा के लिए बनी सहकारी समितियां कहीं शोषण और उत्पीड़न का केंद्र तो नहीं बनती जा रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार, सचिव शेषराम यादव की खराब कार्यशैली के चलते पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर उनके एक सेंटर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके बावजूद खाद वितरण में अनियमितता, अवैध ढंग से खाद इधर-उधर करने और कालाबाजारी के आरोप लगातार लगते रहे हैं। बॉर्डर से सटा क्षेत्र होने के कारण खाद की कालाबाजारी की शिकायतें आम हैं, जिससे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही और वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं। घटना के बाद पीड़ित किसान जमुना ने ढेबरुआ थाने पर तहरीर देकर साधन सहकारी समिति के जिम्मेदार सचिव और उसके पुत्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि इन अव्यवस्थाओं और दबंगई के पीछे किसका संरक्षण है और आखिर किसानों की परेशानी का जिम्मेदार कौन है।







