FATEHPUR NEWS: गांव की चौपालों से लेकर सोशल मीडिया के मंच तक इस समय मोहम्मदपुर गौंती वार्ड में एक ही नाम चर्चा में है कमलेश चौधरी। धोबी महासंघ के प्रदेश महासचिव रहते हुए और बहुजन विचारधारा को त्यागकर सपा समर्थित पीडीए विचारधारा को अपनाने वाले यह युवा चेहरा अब सीधे जनता के बीच जिलापंचायत सदस्य के रूप में उतरने की तैयारी में हैं। उनका दावा है कि पंचायतें गंदगी, उपेक्षा और अव्यवस्था से मुक्त होंगी और क्षेत्र विकास का ऐसा मॉडल बनेगा जो आने वाले वर्षों की नींव तय करेगा। युवा जोश और स्पष्ट लक्ष्य के साथ कमलेश चौधरी मोहम्मदपुर गौंती की गलियों से होकर निकल रहे हैं, दरवाज़ों पर दस्तक दे रहे हैं और लोगों को बता रहे हैं कि वह चुनाव क्यों लड़ना चाहते हैं और उनकी पहली प्राथमिकता क्या होगी। इन्हीं मुद्दों पर पत्रकार शीबू खान ने उनसे खास बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के कुछ अंश –
प्रश्न: कमलेश जी, सबसे पहला सवाल यही कि आखिर राजनीति में आने का और जिला पंचायत चुनाव लड़ने का फैसला आपने क्यों लिया?
जवाब: देखिए शीबू भाई, राजनीति मेरे लिए कोई व्यापार नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। पिछले 5 सालों में मैंने देखा है कि हमारे क्षेत्र के साथ कैसा सौतेला व्यवहार हुआ है। न सड़कें बनीं, न नालियां और न ही युवाओं के लिए कोई काम हुआ। नेता जी (स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव) और अखिलेश भैया का सपना है कि विकास गाँव की गलियों तक पहुँचे। बस उसी सपने को पूरा करने और अपने क्षेत्र की तस्वीर बदलने के लिए मैं मैदान में उतरा हूँ।
प्रश्न: आप समाजवादी पार्टी की विचारधारा से जुड़े हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी लगातार ‘पीडीए’ की बात कर रहे हैं। आपके लिए और इस क्षेत्र के लिए पीडीए का क्या अर्थ है?
जवाब: बहुत अच्छा सवाल है। देखिए, पीडीए का मतलब है— पिछड़े (पी), दलित (डी) और अल्पसंख्यक (ए)। यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई है। हमारे क्षेत्र में सबसे ज्यादा आबादी इन्ही वर्गों की है, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ इन्हें सबसे अंत में मिलता है। मेरा और मेरी पार्टी का उद्देश्य है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को हक मिले। हम भाईचारे की राजनीति करते हैं, नफरत की नहीं। पीडीए की एकता ही इस बार चुनाव की दिशा तय करेगी।
प्रश्न: विचारधारा अपनी जगह है, लेकिन जब हम जमीनी हकीकत यानी ‘विकास’ की बात करते हैं, तो आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी? अगर जनता आपको चुनती है, तो वो कौन से तीन काम हैं जो आप सबसे पहले करेंगे?
जवाब: मेरी प्राथमिकताएं एकदम स्पष्ट हैं:
सड़क और कनेक्टिविटी – हमारे गाँव की जो सड़कें मुख्य मार्ग से टूटी हुई हैं, उनका नवनिर्माण कराना। कीचड़ मुक्त गाँव मेरा पहला लक्ष्य है।
किसानों की समस्या – आज अन्ना मवेशी और खाद की किल्लत से किसान परेशान है। मैं जिला पंचायत स्तर पर किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाऊंगा और यह सुनिश्चित करूँगा कि उन्हें उनका हक मिले। शिक्षा और स्वास्थ्य – जिला पंचायत के फंड का सही इस्तेमाल करके जर्जर स्कूलों की मरम्मत और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
प्रश्न: विपक्षी दल दावा कर रहे हैं कि उन्होंने बहुत विकास किया है, ऐसे में जनता कमलेश चौधरी पर ही क्यों भरोसा करे?
जवाब: (मुस्कुराते हुए) शीबू जी, ‘विकास’ कागजों में हुआ है या जमीन पर, ये जनता बेहतर जानती है। अगर विकास हुआ होता, तो आज युवा बेरोजगार नहीं घूमता और किसान आत्महत्या को मजबूर नहीं होता। जनता मुझे इसलिए चुनेगी क्योंकि मैं उनके सुख-दुःख का साथी हूँ। मैं “हवा-हवाई” नेता नहीं हूँ, मैं “धरती पुत्र” हूँ। मैं वादा करता हूँ कि चुनाव जीतने के बाद भी मैं इसी तरह अपने लोगों के बीच रहूँगा, जैसे आज हूँ।
प्रश्न: अंत में, आप अपने क्षेत्र की जनता से क्या अपील करना चाहेंगे?
जवाब: मैं अपने सभी बुजुर्गों, माताओं, बहनों और युवा साथियों से हाथ जोड़कर अपील करता हूँ कि आने वाले चुनाव में जाति-धर्म से ऊपर उठकर, विकास और अपने सम्मान के लिए वोट करें। समाजवादी पार्टी की विचारधारा को मजबूत करें और साइकिल को इतनी रफ्तार दें कि हमारा क्षेत्र तरक्की की नई ऊंचाइयों को छू सके। आपका एक वोट, आपके बच्चों का भविष्य तय करेगा।







