PRATAPGARH NEWS: “तेरा कार्तिक तीन आषाढ़” यह कहावत किसानों के लिए अत्यंत प्रचलित है जिसका तात्पर्य कार्तिक महीने में बुवाई के लिए मात्र 13 दिन और आषाढ़ महीने में 3 दिन ही मिलता है। बुआई के लिए नहीं मिल पा रहा किसानों को समय पर खाद, किसान परेशान है कही चली न जाए खेतों की नमी। हाल ही में डीएम साहब का आदेश जिसमें सभी ग्राम सभा के किसानों को डीएपी एवं खाद का वितरण केवल संबंधित सहकारी समितियों के माध्यम से ही होगा, देवनमऊ सहकारी समिति पर संबंधित सरकारी कर्मचारी लगातार रहते हैं अनुपस्थित उनके बैठने की ना तो तिथि न ही कोई समय है निर्धारित, समिति के कर्मचारियों द्वारा डीएम साहब के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां। देवनमऊ सहकारी समिति पर लगे उच्चाधिकारियों के नंबर 5 से 10 वर्ष पुराने है जिसमें कई अधिकारी या तो रिटायर हो चुके है या तो बदल चुके है उनके नंबर। आखिर किसान शिकायत करे तो किससे। किसान निजी दुकानों से 50 से 100 रु अधिक देकर खरीद रहे डीएपी खाद, किसी भी अधिकारी को नहीं किसानों की चिंता। जब बुआई का समय निकल जाएगा तो खाद उपलब्ध होने का भी क्या लाभ।







