पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
प्रधान पर मनरेगा में किए गए भ्रष्टाचार का भी लगाया आरोप
FATEHPUR NEWS: थाना कल्याणपुर क्षेत्र के ग्राम भाऊपुर निवासी पीड़ित रज्जन सिंह पुत्र बाबू सिंह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान एवं उसके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम प्रधान गंगा प्रसाद पुत्र गिरजाशंकर एवं उनके परिवार के अन्य सदस्य सरकारी कृषि भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए हैं। इस संबंध में पीड़ित द्वारा पूर्व में प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसकी जांच दिनांक 15 दिसंबर 2025 को राजस्व टीम द्वारा की गई थी। पीड़ित का कहना है कि राजस्व जांच के विरोध में दिनांक 16 दिसंबर 2025 की सायं लगभग 7:30 बजे ग्राम प्रधान गंगा प्रसाद, उनके पुत्र संतोष कुमार एवं अशोक कुमार, संतोष का पुत्र शालू, प्रधान के भाई अम्बेलाल पुत्र गिरजाशंकर तथा पप्पू, दीपू, सोनू व मोनू पुत्रगण अम्बेलाल निवासीगण ग्राम भाऊपुर एकजुट होकर उसके घर में घुस आए। आरोप है कि सभी ने गाली-गलौज करते हुए पीड़ित के भतीजे प्रशांत उर्फ कल्लू पुत्र देवेंद्र सिंह के साथ मारपीट की तथा रज्जन सिंह समेत पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने अपने शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि उक्त लोग दबंग एवं अपराधी प्रवृत्ति के हैं। आरोप के अनुसार ग्राम प्रधान गंगा प्रसाद एवं अशोक कुमार के विरुद्ध दलित उत्पीड़न से संबंधित मुकदमा चल रहा है, जबकि संतोष कुमार पर गोवध निवारण अधिनियम, गुण्डा एक्ट एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मुकदमे दर्ज हैं तथा उसे पूर्व में जिला बदर भी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पीड़ित ने ग्राम प्रधान पर मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि प्रधान द्वारा अपने परिवार के सदस्यों के नाम अवैध रूप से कई जॉब कार्ड बनवाए गए हैं, जबकि नियमों के अनुसार एक परिवार में एक से अधिक जॉब कार्ड नहीं बनाए जा सकते। आरोप है कि प्रधान ने अपने सगे भतीजों, पत्नी, पुत्र, पुत्री एवं पिता के नाम अलग-अलग जॉब कार्ड बनवाकर उनके खातों में मनरेगा कार्यों का भुगतान कराया है, जबकि संबंधित कार्डधारकों ने कोई कार्य नहीं किया। पीड़ित के अनुसार ग्राम सभा में वास्तविक मजदूरों को कार्य से वंचित कर बाहरी पंचायत के कर्मचारियों से कार्य कराया जाता है। पीड़ित रज्जन सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराते हुए आरोपित ग्राम प्रधान एवं उसके परिवारजनों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और सरकारी योजनाओं में हो रहे कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके।







