संस्थाओं को जमीन, सुविधा का आवंटन दिसम्बर में
मेला क्षेत्र में समतलीकरण हुआ तेज
PRAYAGRAJ NEWS : संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा तीन जनवरी 2026 से देश और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक माघ मेले की शुरुआत होने जा रही है। माघ मेले के आयोजन को लेकर प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने अपनी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। माघ मेला बसाने के लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से संगम तट पर समतलीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनें लगाकर जमीन का समतलीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा सिंचाई विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग समेत मेले से जुड़े सभी विभागों को काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग की ओर से भी अस्थाई रूप से पोल भी लगाए जा रहे हैं। बिजली के तार भी खींचे जा रहे हैं। हालांकि अभी गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है इसलिए घाट बनाए जाने का काम सबसे अंत में किया जाएगा। माघ मेला अधिकारी बनाए गए पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज ने आज बताया कि मेले के आयोजन से जुड़े सभी विभागों के साथ कोऑर्डिनेशन बैठकें भी हो चुकी हैं। मेले की तैयारी को लेकर 70 करोड़ के कार्यों का टेंडर भी जारी हो चुका है। सभी विभागों को समय से कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और डीएम मनीष वर्मा ने भी तय समय में सभी विभागों को कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि 2026 का माघ मेला 7 सेक्टरों में बसाया जाएगा। सेक्टर 1 संगम नोज ,सेक्टर 2 परेड ग्राउंड, सेक्टर 3 रामघाट से गंगा तिराहा तक, सेक्टर 4 गंगा तिराहा से नवास की मंदिर तक, सेक्टर 5 और सेक्टर छह गंगा पार छतनाग और झूंसी की तरफ बसेगा।
उन्होंने बताया कि माघ मेला करीब 800 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। मेले में 4000 से ज्यादा संस्थाओं को बसाने के लिए जमीन का आवंटन किए जाने की तैयारी की जा रही है। इस बार माघ मेले में दारागंज की ओर एक अतिरिक्त पांटून ब्रिज बनाए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है ताकि गंगा नदी के दोनों ओर बसाए जाने वाले मेले में श्रद्धालुओं और साधु संतों को आने-जाने में कोई परेशानी ना हो।
मेला अधिकारी ने बताया कि दिसंबर के महीने में संस्थाओं और कल्पवासियों को जमीनों का आवंटन कर दिया जाएगा।
मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि हालांकि इस बार अभी तक गंगा और यमुना नदियों का पानी कम नहीं हुआ है इसलिए मेले की तैयारी एक चुनौती के रूप में बनी हुई है लेकिन इसके बावजूद मेला प्रशासन निर्धारित डेड लाइन दिसंबर के अंत तक सभी तैयारियां पूरी कर लेगा। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि 2026 का माघ मेला 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व के साथ शुरू होने जा रहा है जबकि माघ मेले का समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पर्व के साथ होगा।







