LAKHIMPUR KHERI NEWS: मंगलवार को सनातन धर्म सरस्वती विद्या मन्दिर बालिका इंटर कॉलेज, मिश्राना, लखीमपुर खीरी द्वारा विद्या भारती योजनानुसार अन्य सम्पर्कित विद्यालयों के अन्तर्गत ‘उच्च प्राथमिक विद्यालय, लखीमपुर देहात‘ में ‘‘सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम‘‘ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ममता अग्रवाल (पूर्व प्रधानाचार्य, गाँधी बालोद्यान विद्यालय) ने की। मुख्य वक्ता के रूप में गुलरूक्त सुल्ताना (प्रधानाचार्या- उच्च प्राथमिक विद्यालय, लखीमपुर देहात), पूर्णिमा मिश्रा (शिक्षिका- उच्च प्राथमिक विद्यालय, लखीमपुर देहात) एवं दीप्ति बैसवार (शिक्षिका-बेसिक शिक्षा विद्यालय) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की संयोजक शिवम शर्मा एवं नेहा दीक्षित रहीं। कार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम अध्यक्ष ममता अग्रवाल, गुलरूक्त सुल्ताना, पूर्णिमा मिश्रा तथा दीप्ति बैसवार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मुख्य वक्ता गुलरूक्त सुल्ताना ने माताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज नारी को आगे से आगे चलते रहने की जरूरत है। पूर्णिमा मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक नारी में वाक्, स्मृति, मेधा, धृति, क्षमा, और कीर्ति रूपी सात शक्तियाँ निहित हैं उन्हें पहचान कर जाग्रत करने की आवश्यकता है। दीप्ति बैसवार ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम अध्यक्ष ममता अग्रवाल ने कहा कि मातृशक्ति का योगदान समाज, राष्ट्र और परिवार के संतुलन के लिए अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने सभी माताओं को सप्त शक्तियों के ज्ञान के विषय में बताया। इस अवसर पर हमारे समाज की पाँच विशिष्ट माताओं विन्देश्वरी देवी, मीरा देवी, सफीकुन निशा, नफीसा बानो एवं सबीना परवीन को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए विन्देश्वरी देवी एवं सबीना परवीन ने कहा कि कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा और भविष्य में ऐसे कार्यक्रम हमेशा होते रहें। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विद्यालय की 7 छात्राओं ने भारत की महान विदुषी महिलाओं लक्ष्मीबाई (जाफरीन), द्रोपदी मुर्मू (रूबीना), बेगम हजरत महल (दीपिका), लता मंगेशकर (जैनब), सावित्री बाई फुले (व्याख्या), रूक्मणी देवी (प्रियंका), मीराबाई (प्रियांशी) का रूप प्रदर्शित कर सभी का मन मोह लिया।







