Home उत्तर प्रदेश सत्य और अहिंसा पर टिका है विकसित भारत:डॉ.श्वेता पाण्डेय

सत्य और अहिंसा पर टिका है विकसित भारत:डॉ.श्वेता पाण्डेय

सेवा पखवाड़ा –2025 के अंतर्गत ललित कला संस्थान में गांधी जयंती पर चित्रकला प्रतियोगिता

JHANSI NEWS: बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में सेवा पखवाड़ा – 2025 के अंतर्गत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कला प्रतिभा के माध्यम से गांधी जी के जीवन, आदर्शों और स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं को चित्रों के माध्यम से जीवंत किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी एवं ललित कला संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पाण्डेय ने कहा कि “भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में गांधी जी की विचारधारा का महत्वपूर्ण योगदान है। सत्य और अहिंसा उनके जीवन के ऐसे आदर्श रहे, जिन पर चलकर न केवल स्वतंत्रता प्राप्त हुई, बल्कि आज भी वे राष्ट्र निर्माण के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि गांधी जी की शिक्षाएँ आज भी समाज में समानता, सद्भाव और स्वावलंबन की आधारशिला हैं। संस्थान के डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने गांधी जी द्वारा चलाए गए आंदोलनों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन उनकी अहिंसात्मक संघर्ष शक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इन घटनाओं से प्रेरणा लेकर अपने चित्रों के माध्यम से समाज में शांति और सद्भाव का संदेश दें। ललित कला संस्थान के गजेंद्र सिंह ने अपने वक्तव्य में गांधी जी के जीवन की प्रमुख घटनाओं – दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह की शुरुआत से लेकर भारत में स्वतंत्रता संग्राम के नेतृत्व तक – का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन ही विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत पाठशाला है, जिससे साहस, सादगी और त्याग की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि श्री गोविंद यादव ने छात्रों को चित्र संयोजन की जानकारी देते हुए गांधी जी के राष्ट्रपिता बनने के पीछे उनके अथक प्रयासों का विस्तार से वर्णन किया। संस्थान की डॉ. रानी शर्मा और डॉ. संतोष कुमार ने भी गांधी जी के सिद्धांतों और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में फैजल, आदर्श, अभिनव, ममता परिहार, आदेश, कनिष्का, अनुराधा, अर्जुन, साक्षी, प्रखर, दिव्या, महाश्वेता सहित 78 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और ग्राम स्वराज का संदेश दिया। गांधी जी के विश्व प्रेरित विचारों पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनी भी संस्थान में लगाई गई, जिसे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने खूब सराहा। प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार वितरण समारोह 29 सितंबर को ललित कला संस्थान में आयोजित किया जाएगा।