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सत्ता का अहंकार:  एक्सईएन कमल किशोर को ‘जूते से मारने’ की धमकी देकर विधायक ने लाँघी मर्यादा

ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार संग मीटिंग पर भड़के शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, लेकिन सार्वजनिक अपमान और असंसदीय भाषा पर उठे सवाल; क्या जनप्रतिनिधि को कानून हाथ में लेने का अधिकार?

SIDHARTHNAGAR NEWS: शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा मंगलवार को मुख्यालय के रेस्ट हाउस में लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रांतीय खंड सिद्धार्थनगर कमल किशोर पर उस वक्त बुरी तरह क्रोधित हो उठे, जब उन्हें एक्सईएन को शासन द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए एक ठेकेदार के साथ बैठक करते हुए पाया। विधायक ने मौके पर पहुँचकर एक्सईएन को न केवल सरेआम फटकार लगाई, बल्कि जूते उतारकर मारूंगा और नंगा कर चौराहे पर घुमाऊंगा जैसी अत्यंत अशोभनीय और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया, जिसका वीडियो उन्होंने फेसबुक पर लाइव भी कर दिया।

SIDHARTHNAGAR NEWS: शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा मंगलवार को मुख्यालय के रेस्ट हाउस में लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन प्रांतीय खंड सिद्धार्थनगर कमल किशोर पर उस वक्त बुरी तरह क्रोधित हो उठे, जब उन्हें एक्सईएन को शासन द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए एक ठेकेदार के साथ बैठक करते हुए पाया। विधायक ने मौके पर पहुँचकर एक्सईएन को न केवल सरेआम फटकार लगाई, बल्कि जूते उतारकर मारूंगा और नंगा कर चौराहे पर घुमाऊंगा जैसी अत्यंत अशोभनीय और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया, जिसका वीडियो उन्होंने फेसबुक पर लाइव भी कर दिया। विधायक ने एक्सईएन कमल किशोर पर भ्रष्टाचार फैलाने, विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों में लापरवाही बरतने और फोन न उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने एक्सईएन के पूर्व कार्यकाल (देवरिया) में चार करोड़ रुपये के गबन के आरोपों में निलंबन का भी हवाला दिया। विधायक का भ्रष्टाचार रोकने का इरादा सही हो सकता है, लेकिन सवाल उनके आक्रामक और अमर्यादित आचरण पर खड़ा होता है।

डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामे के बाद विधायक ने भले ही मामले को उच्च स्तरीय जांच के लिए उठाने की बात कही हो, लेकिन एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह कानून को हाथ में लेने और किसी लोक सेवक को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के तरीके पर हर तरफ आलोचना हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले की जांच के बाद दण्डात्मक कार्रवाई की बात कही है। यह घटना दर्शाती है कि जनसेवा और भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई के बीच भी संवैधानिक मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है।