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सच्ची सेवा के लिए दृढ़ संकल्प, करुणा की जरुरत- न्यायमूर्ति अनिल कुमार 11 दिव्यांग बेटियों के सामूहिक विवाह से पूर्व हल्दी, संगीत संध्या का शुभारम्भ

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प्रयागराज। 11 दिव्यांगजन बेटियों के सामूहिक विवाह समारोह से पूर्व आयोजित हल्दी रस्म एवं संगीत संध्या का शुभारंभ आज बैंक रोड स्थित राजर्षि टंडन सेवा केंद्र में आयोजित किया गया। यह आयोजन लोकसेवक मंडल, शेरवानी चैरिटेबल ट्रस्ट, अखिल भारतीय महिला परिषद (शहर शाखा) तथा अनाम स्नेह परिवार की ओर से हो रहा है। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने कहा कि यह आयोजन केवल सहायता प्रदान करने का प्रयास नहीं, बल्कि दिव्यांग बेटियों को सक्षमता प्रदान करने का सशक्त अभियान है। उन्होंने कहा यह पहल दया या सहानुभूति की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान की है। यहां केवल विवाह ही नहीं, बल्कि रोजगार के माध्यम से जीवन को स्थायित्व देने का कार्य भी किया जा रहा है। यही सच्चा सामाजिक उत्थान है।
उन्होंने कहा कि शारीरिक अक्षमताओं के बावजूद आशा स्कूल एवं भविनी वेलफेयर के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय हैं और यह सिद्ध करते हैं कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती। मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम के संयोजक श्रीनारायण यादव की सराहना करते हुए कहा कि
श्रीनारायण यादव ने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची सेवा के लिए केवल दृढ़ संकल्प और करुणा की आवश्यकता होती है शारीरिक सीमाएं नहीं। रश्मी सिंह, कांती दीक्षित, यमुनोत्री गुप्ता, कांता चोपडा, डॉ सविता राठी, डॉ सुधा पाण्डेय, मधू यादव, प्रीती रानी, श्रीमती प्रेमलता शुक्ला आदि दिव्यांग वधुओं को हल्दी का उबटन लगाकर विधिवत हल्दी -मेहंदी की रस्म की शुरुआत हुई। इस भावनात्मक क्षण में पूरा पंडाल मंगलगीतों और तालियों की गूंज से भर उठा।
अध्यक्षता करते हुये राजकुमार चोपड़ा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकसेवक मंडल) ने कहा कि दिव्यांग बेटियों के सम्मानपूर्ण विवाह को सामाजिक उत्तरदायित्व की अनुकरणीय पहल बताया। कार्यक्रम के आरम्भ मे स्वागत एवं रूपरेखा वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती सुभाष राठी ने एवं संचालन लोकसेवक मंडल के सचिव एवं शिक्षाविद ब्रह्माप्रकाश त्रिपाठी ने किया। कर्मचारी नेता रविशंकर मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण आशा स्कूल के दिव्यांग बच्चों ने प्रस्तुत राम, सीता और लक्ष्मण की मनोहारी झांकी रही।भविनी वेलफेयर के दिव्यांग बच्चों ने भी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की। प्रो अवनीश चंद्र मिश्र ने कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता, सक्षमता और राष्ट्रीय भावना का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।
कार्यक्रम मे वरिष्ठ अधिवक्ता आर के राजू नई दिल्ली,विष्णु कांत मिश्र, रीता यजमानी, सुश्री अनुराधा, मनोज कुमार पाण्डेय, अनिल कुमार नीलू, अंजू जायसवाल, अंजली वर्मा, आभा मिश्रा, कमला देवी, निशा गुप्ता, पी एल यादव,जावेद सिद्दकी, लक्ष्मी केशरवानी, डॉ रचना अग्रवाल, सुकती माथुर, सरोज जायसवाल, फूलचंद यादव,घनश्याम मास्टर, दीपचंद, अनंत कुमार चैधरी, अर्पित, चंदन, गुड्डू पंडित, सुलोचना, लवलेश सिंह, सुरजीत, राहुल बनर्जी, कुशल, सुनील चंद्र श्रीवास्तव, दूधनाथ, साजिद सहित बडी संख्या में शहर के लोग शामिल हुए।