Home उत्तर प्रदेश सख्ती के साथ संवेदनशीलता की मिसाल बने एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव

सख्ती के साथ संवेदनशीलता की मिसाल बने एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव

तस्वीर ने बयां की मानवीय पुलिसिंग की कहानी:जनता का भरोसा जीतने में सफल हो रही कार्यशैली

JAUNPUR NEWS: वर्दी को अक्सर सख्ती और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है, लेकिन जब उसी वर्दी के भीतर संवेदना, दया और करुणा झलकने लगे, तो वह पुलिसिंग मिसाल बन जाती है। बीते दिनों एक प्रकरण के दौरान मौके पर पहुंचे एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव की एक तस्वीर इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे पुलिस विभाग के साथ-साथ आमजन द्वारा भी सराहा जा रहा है।
तस्वीर में एक ओर कानून की दृढ़ता स्पष्ट नजर आती है, तो दूसरी ओर मानवीय संवेदना की झलक भी दिखती है। यही कारण है कि लोग एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव को “ऊपर से सख्त, भीतर से करुणा से भरे” अधिकारी के रूप में देख रहे हैं। यह तस्वीर उस पुलिसिंग का प्रतीक बन गई है, जहां अधिकारी केवल आदेश देने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामने खड़े व्यक्ति की पीड़ा को भी समझता है।
बतौर आईपीएस अधिकारी आयुष श्रीवास्तव ने जौनपुर में अपने कार्यकाल के दौरान यह साबित किया है कि प्रभावी पुलिसिंग का अर्थ केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना भी है। मामलों को देखने का उनका संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान देता है। किसी भी गंभीर या संवेदनशील घटना में उनकी मौके पर मौजूदगी से हालात स्वत: नियंत्रित हो जाते हैं। पीड़ितों से संवाद, परिजनों को भरोसा और दोषियों के प्रति सख्त रुख इन तीनों के बीच संतुलन उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता मानी जा रही है। यही वजह है कि आमजन के बीच यह धारणा मजबूत हो रही है कि एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव जहां पहुंचते हैं, वहां व्यवस्था और भरोसे का माहौल बन जाता है। उनकी कार्यप्रणाली यह संदेश देती है कि पुलिस यदि चाहे, तो वह डर का नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक बन सकती है। जौनपुर में तैनात यह युवा आईपीएस अधिकारी आज केवल एक प्रशासनिक पद तक सीमित नहीं, बल्कि बेहतरीन, संवेदनशील और आदर्श पुलिसिंग की पहचान बनते जा रहे हैं जहां कानून और इंसानियत दोनों समान रूप से साथ चलते हैं।