जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार से की हस्तक्षेप की मांग
MIRZAPUR NEWS: (शाहिद वारसी) विद्युत संविदा कर्मियों की छंटनी एवं शोषण के विरोध में विद्युत संविदा मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश उपाध्यक्ष सैय्यद सरफराज अली की अगुवाई में शनिवार को नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन की ओर से बताया गया कि वर्ष 2020 में विद्युत विभाग द्वारा जैम पोर्टल के माध्यम से 854 संविदा कर्मियों की भर्ती के लिए टेंडर जारी किया गया था, जिसे बेसिल कंपनी को दिया गया। बेसिल कंपनी ने वर्ष 2023 तक कर्मियों से कार्य कराया। इसके बाद अप्रैल 2023 में टेंडर टी.डी.एस. कंपनी को दिया गया, जिसे डिस्कॉम द्वारा 1174 संविदा कर्मियों को रखने की अनुमति दी गई थी। संगठन का आरोप है कि वर्तमान में संविदा कर्मियों की अनावश्यक छंटनी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। जबकि वर्ष 2020 के बाद जिले में नए विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना हुई है और पुराने उपकेंद्रों पर फीडरों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसी स्थिति में छंटनी का कोई औचित्य नहीं है। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि संविदा कर्मियों की छंटनी प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए, जिससे किसी भी प्रकार की औद्योगिक अशांति से बचा जा सके। ज्ञापन सौंपे जाने पर नगर मजिस्ट्रेट ने संगठन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कराई जाएगी, जहां वे अपनी बात रखें। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्याम नारायण यादव, जिला सचिव सत्यनारायण गुप्ता, मंडल सचिव सोहन मौर्य, संगठन मंत्री आनंद कुमार पाण्डेय, मीडिया प्रभारी अमीन उल्ला, मोहम्मद नौशाद, दयाशंकर मौर्य, रामसमुज, सुरेंद्र विश्वकर्मा समेत इत्यादि भारी संख्या में संविदा कर्मी मौजूद रहे।







