MIRZAPUR NEWS: संघ शताब्दी वर्ष एवं हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मीरजापुर के तत्वावधान में नगर मे विराट पथ संचलन रविवार को निकाला गया, जिसमे मीरजापुर नगर सहित जिले के विभिन्न खंडो से आये पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवको ने प्रतिभाग किया। स्वयंसेवक सफेद शर्ट, खाकी पैंट और काली टोपी पहने अपने हाथो मे दंड लिए अनुशासित पंक्तियों में कदमताल करते हुए चल रहे थे। तयं मार्ग पर हिंदू समाज द्वारा जगह जगह स्वागत द्वार भी बनाए गये थे, जहा पुष्पवर्षा कर संचलन का भव्य स्वागत किया गया। पथ संचलन बीएलजे मैदान महुअरिया से निकलकर गिरधर चौराहा, बेलतर, डंकीनगंज, तेलियागंज, अनगढ़ रोड होते हुए शुक्लहा, तहसील चौराहा के रास्ते पुन: बीएलजे मैदान मे पहुचकर समाप्त हुई। संचलन में बाल, तरुण और प्रौढ़ स्वयंसेवकों की भारी उपस्थिति रही। पथ संचलन से पूर्व कार्यक्रम स्थल बीएलजे मैदान मे मुख्य वक्ता काशी प्रांत प्रचारक रमेश जी का पाथेय प्राप्त हुआ। मंचासीन अतिथिगण प्रांत संघचालक अंगराज, जिला संघचालक शरद चंद्र उपाध्याय एवं अध्यक्षता कर रहे मीरजापुर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजीव कुमार सिंह ने संघ संस्थापक डा. हेडगेवार के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हे नमन किया। तत्पश्चात मंच परिचय जिला कार्यवाह प्रविंद्र शर्मा ने कराया। अमृत वचन संतोस कोन खंड एवं एकल गीत आनंद लावगंज खंड “हे केशव तुम्हे कोटि कोटि अभिवादन” के उपरांत मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक रमेश जी का उद्बोधन प्राप्त हुआ। प्रांत प्रचारक रमेश ने हिंदू नववर्ष एवं नवरात्रि की शुभकामना व्यक्त करते हुए कहाकि संघ संस्थापक डॉक्टर साहब ने 100 साल पहले जो प्रयास शुरू किया, उसको लाखों स्वयंसेवक आगे बढ़ते हुए 88000 शाखा, 30000 मिलन और 11000 मंडली में सवा लाख गतिविधि के साथ पूरे भारत के खंडो बस्तियो पंचायतो में अपने गतिविधियों के माध्यम से सेवा और साधना के बल पर हिंदू समाज को आगे ले जा रहा है, किंतु अभी भी खतरे मंडरा रहे हैं। रूस, यूक्रेन, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, इजरायल जैसे देश युद्ध उपद्रव में है। युद्ध वह लड़ रहे हैं और समस्या हमारे यहां हो रही है, लेकिन फिर भी हमारा देश शांति और सद्भाव के साथ एक दूसरे की उन्नति की कल्पना के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे मे हमें सतर्क और सावधान रहते हुए इस देश को सुरक्षित रखने की जरूरत है। इन सब के लिए संपूर्ण भारतवासियों का नेशन फर्स्ट अर्थात तेरा वैभव अमर रहे मा, हम दिन चार रहे न रहे। प्रांत प्रचारक ने कहाकि ग्रहण, नक्षत्र, मुहूर्त, पंचांग हमारे दिए हुए हैं। मामूली खर्च के पंचांग के द्वारा हम 200 साल आगे की गणना बता सकते हैं, जोकि खगोल और दूरबीन भी नहीं जान पाती। गर्व होता है कि जन्म से मृत्यु तक की कुंडली बनती है, हिसाब बन जाता है। इतना कुछ होते ही हमने किसी के ऊपर आक्रमण नहीं किया, बल्कि विश्वबंधुत्व के लिए काम किया। फिर भी आक्रांताओं के कुत्सित प्रयासो से लोग विखंडित और आत्म केंद्रित होते गए और दुनिया हमें कमजोरी जानकर हमारे ज्ञान विज्ञान को नष्ट करने लगी। नालंदा तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय में आग में आग लगा दी गई, यहां की साधना तपस्या को खत्म कर लोग इस अवस्था में ले जाना चाहते थे। हमारे यहां जब उदया तिथि के अनुसार दिन की शुरुआत होती है और हम हिंदू नव वर्ष मानते, तो अंग्रेज उसे अप्रैल फूल यानी ये मूर्खों का है ताकि हम इसे बंद कर दे। कहाकि हम समृद्धशाली थे, जब दो सौ रुपये तोला सोना था, तब यहा नौ लखा हार पहने जाते थे। आज के मूल्य से गणना भी नही किया जा सकता, इतना धनवान भारत था। कहाकि फाह्यान जब यहा सोने चादी गहने देखे, तो उसने सोने की चिडिया कहा। विश्वगुरु हम इसलिए थे, क्योकि यहा नालंदा तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय विश्वप्रसिद्ध थे। हम अपने आपको विश्वबंधुत्व कहते थे, लेकिन दुनिया हमे विश्वगुरु कहती थी। हमारे लिए गर्व का दिन है कि इसे फिर से हमने स्थापित किया। हिंदू नव वर्ष पुनर्स्थापना और पुनर्निर्माण का दिवस है, स्वाभिमान जागृत करने और अस्तित्व बोध के साथ साथ पुरातन को महसूस करने का दिवस है। डा. हेडगेवार जी ने देश की व्यथा और पीड़ा को देखा था और कैसे इस पुनर्स्थापना को किया जाए उसे पर आगे कदम बढ़ाया था। 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेदों की तरफ यानी ज्ञान की तरफ लोटो तो वही डॉक्टर केशव राव बलिराम हेडगेवार ने संस्कृति और स्वाभिमान की ओर लौट के लिए कहा था। आज हिंदू नव वर्ष हमारा संपूर्ण समाज पूरी तरह से मनाने लगा है। देश को शांति और बडी सफलता मिलने वाली है।
प्रांत प्रचारक ने कहाकि आगामी 26 मार्च को राम का जन्म दिवस है. अनुभूति करिये कि आज देश की उन्नति हो रही है। जिस दिन सोया राष्ट्र जगेगा, दिसि दिसि फैला तमस हटेगा साकार हो रहा है। संघ के राष्ट्र जागरण के फलत: काशी, विंध्य, उज्जैन और अयोध्या मे हिंदुत्व दिख रहा है। तमाम राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो, देवी देवताओ की स्थापित गरिमा से संसार भर मे भारत को आज फिर से आशा भरी निगाहों से देखा जा रहा है। अध्यक्षता कर रहे मीरजापुर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजीव कुमार सिंह ने संघ के पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्व का भाव स्वदेशी जागरण, नागरिक कर्तव्य को विस्तार से रखते हुए देशवासियों से इन सबको आत्मसात करने की अपील की। विंध्याचल विभाग प्रचारक कौशल किशोर, जिला प्रचारक रजत प्रताप, जिला संघचालक शरद चंद्र उपाध्याय, सह जिला संघचालक कृष्ण कुमार सिंह, प्रांत घोष मिलन जी, विभाग कार्यवाह सच्चिदानंद, सह विभाग कार्यवाह रामबालक, प्रांत गोसेवा प्रमुख, अरविंद जी, विभाग शारीरिक प्रमुख गंगेश सिंह, विभाग संपर्क प्रमुख केशव तिवारी, सह विभाग बौद्धिक प्रमुख संतोष अग्रहरि, सह विभाग संपर्क प्रमुख चंद्रमोहन, नगर संघचालक अशोक सोनी, जिला कार्यवाह प्रविंद्र शर्मा, सह जिला कार्यवाह नीरज द्विवेदी, नगर प्रचारक अंजनी, नगर कार्यवाह लखन, सह जिला व्यवस्था प्रमुख श्यामजी, अखिलेश अग्रहरि, विमलेश अग्रहरि, रितेश कुमार, अर्जुन गुप्ता, सोनू दीक्षित, वीरेंद्र मौर्य, इंद्रजीत शुक्ला, संतोष मिश्रा, गुंजन, सौमित्र, अनिल मिश्र, सौरभ शाह, विनोद यादव, किशन चौरसिया, अमित प्रजापति, नामित सभासद वीरेंद्र मौर्य सहित खंड प्रचारक गण एवं खंड कार्यवाहगण सहित कार्यकर्तागण व्यवस्था मे जुटे रहे। इस अवसर पर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सोहनलाल श्रीमाली, नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र, नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी, पूर्व जिलाध्यक्षगण मनोज जायसवाल, बृजभूषण सिंह, बालेंदुमणि त्रिपाठी, उत्तर मौर्या सहित नगर के सभासदगण अलंकार जायसवाल, नीरज गुप्ता बैजू, गोवर्धन यादव टीटू सहित संघ विचार परिवार के पूरे जनपद के कार्यकर्ता भारी संख्या मे मौजूद रहे। यह जानकारी विराट पथ संचलन के मीडिया व्यवस्थापक विमलेश अग्रहरि ने दी।








