Home आस्था संगीतमयी राम कथा का भावपूर्ण समापन, जयघोष से गूंजा वातावरण

संगीतमयी राम कथा का भावपूर्ण समापन, जयघोष से गूंजा वातावरण

KUSHINAGAR NEWS: फाजिलनगर कस्बे में चल रहे संगीतमयी राम कथा का समापन सोमवार को अत्यंत भक्ति भावपूर्ण वातावरण में हुआ। कथा वाचिका राधिका किशोरी ने कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को सीता हरण, जटायु-रावण युद्ध और भगवान श्रीराम से जटायु के मिलन का मार्मिक प्रसंग सुनाया। उन्होंने कथा के दौरान कहा कि लंकापति रावण ने माता सीता का छलपूर्वक हरण कर अपने पुष्पक विमान से लंका की ओर प्रस्थान किया। माता सीता की करूण पुकार सुनकर पक्षीराज जटायु ने धर्म की रक्षा हेतु रावण से भीषण युद्ध किया, लेकिन अंततः वह घायल होकर भूमि पर गिर पड़े। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, जब माता सीता की खोज में वन भ्रमण कर रहे थे, तब उनकी भेंट घायल अवस्था में पड़े गिद्धराज जटायु से हुई। जटायु ने भगवान राम को सीता हरण की पूरी घटना बताई। यह प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचिका ने बताया कि जटायु ने अपने प्राण त्याग कर भगवान श्रीराम के हाथों मोक्ष प्राप्त किया। कथा का यह मार्मिक वर्णन सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
कथा से पूर्व व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने व्यास गद्दी का विधिवत पूजन कर कथा का शुभारंभ कराया। इस अवसर पर रामायण चौरसिया, व्यास सिंह, धीरज वर्मा, दिलीप जायसवाल, ओमप्रकाश गुप्ता, रीतेश जायसवाल, उदयभान दास, ममता सिंह, प्रियंका सिंह, सोनी देवी, रीता देवी, सुमन तिवारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।