तीन जनवरी पौष पूर्णिमा से शुरू होगा माघ मेला, कल्पवास
PRAYAGRAJ NEWS: संगम की रेती पर तंबुओं की नगरी बसने लगी है इससे चहल – पहल अब बढने लगी है। माघ मेला की तीन सबसे प्रमुख संस्थाओं के संत, महात्माओं को शिविर लगाने के लिए जमीन आवंटित हो गयी है, ऐसे में देश के कोने, कोने से माघ मेला में शिविर लगाने के लिए संत, महात्मा आने लगे है। तीन जनवरी पौष पूर्णिमा से माघ मेला और कल्पवास शुरू होने जा रहा है जो एक फरवरी माघी पूर्णिमा तक चलेगा जबकि महाशिवरात्रि को माघ मेले का समापन होगा। संगम की रेती पर 45 दिनों तक चलने वाले माघ मेले की तैयारियां शुरू हो गयी है। मेला प्रशासन ने जमीनों का समतलीकरण करके संस्थाओं में जमीन आवंटन शुरू कर दिया है। मेला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में शिविर लगाने के लिए संस्थाओं को जमीन आवंटन शुरू कर दिया है। मेला क्षेत्र की सबसे प्रमुख संस्था दण्डी बाडा, आचार्य बाडा और खाक चैक को शिविर लगाने के लिए जमीन आवंटित कर दी गयी है और उनके शिविर लगने लगे है। मेला प्रशासन शीघ्र अन्य संस्थाओं को शिविर लगाने के लिए जमीन आवंटन जारी रखा है। संगम तक पर शिविर लगाने के लिए जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम महराज, अखिल भारतीय दण्डी प्रबंधन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी विमलदेव आश्रम, अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्राह्श्रम महराज, पीठाधीश्वर स्वामी शंकराश्रम महराज, जगदगुरू स्वामी घनश्यामाचार्य महराज, जगदगुरू स्वामी कौशलेन्द्र जी महराज, जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी शाडिल्य जी महराज, जगदगुरू स्वामी रामसुभगदास बिनैका बाबा, जगदगुरू स्वामी रामतीर्थ दास महराज सहित अन्य संत, महात्माओं के शिविर लगने लगे है।
तीर्थ पुरोहितों को शिविर लगाने के लिए शीघ्र जमीन आवंटित की जाएगी। मेला क्षेत्र में करीब चार हजार संस्थाओं के शिविर 25 दिसम्बर तक लगाये जाने की तैयारियां चल रही है। मेलाधिकारी ऋषिराज का कहना है कि दिसम्बर के अंतिम हफ्ते में सभी तैयारियां पूरी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान कल्पवासी भी कल्पवास के लिए मेला क्षेत्र में आने लगेगे।
20 के बाद नयी संस्थाओं को होगी जमीन आवंटित
मेलाधिकारी द्वितीय दयानंद प्रसाद ने बताया कि नयी संस्थाओं को 20 दिसम्बर के बाद जमीन आवंटित होगी। उन्होंने बताया कि शेष पुरानी संस्था के जमीन आवंटन के बाद नयी संस्थाओं को जमीन आवंटित होगी।







