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श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन भारत की एकता, अखंडता के लिए समर्पित रहा:जिलाध्यक्ष

KUSHINAGAR NEWS: डॉ. श्यामा प्रसाद ण सच्चे अर्थों में मानवता के उपासक और सिद्धांतों के पक्के इंसान थे। संसद में उन्होंने सदैव राष्ट्रीय एकता की स्थापना को ही अपना प्रथम लक्ष्य रखा था। संसद में दिए अपने भाषण में उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा था कि “राष्ट्रीय एकता के धरातल पर ही सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सकती है।” भारतीय इतिहास में उनकी छवि एक कर्मठ और जुझारू व्यक्तित्व वाले ऐसे इंसान की है, जो अपनी मृत्यु के इतने वर्षों बाद भी अनेक भारतवासियों के आदर्श और पथप्रदर्शक हैं। उक्त बातें भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय ने कहा। वह रविवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयन्ती पर ज्ञान मंदिर बाड़ीपुल परिसर में  साखोंपार मण्डल की डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व संगोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रखर राष्ट्रभक्ति और समर्पण के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन भारत की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा। जिस अनुच्छेद 370 ने भारत की एकता को चुनौती दी थी, उसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी  ने अपने बलिदान से ललकारा, भाजपा ने संकल्प बनाकर निभाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने अपने दृढ़ निश्चय से अनुच्छेद 370 को समाप्त करके दिखाया। अब न दो प्रधान हैं, न दो संविधान, अब तो है सिर्फ एक भारत, अखंड भारत है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय एकता के सशक्त प्रतीक डॉ. मुखर्जी जी ने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। भारतीय जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने देश को एक राष्ट्रवादी विचारधारा वाला वैकल्पिक राजनीतिक मंच दिया। मातृभूमि के सच्चे उपासक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का जीवन व उनके विचार सदैव सभी देशवासियों को प्रेरणा देते रहेंगे। संगोष्ठी को संजीव पांडेय, नूतन दूबे, त्रिलोकी तिवारी, देवेन्द्र प्रताप सिंह, राजीव सिंह ने भी सम्बोधित करते स्वागत मण्डल अध्यक्ष किन्नरेश चौबे और सुरेन्द्र मिश्र ने आभार व्यक्त किया। संचालन मण्डल महामंत्री विजय तिवारी ने किया।इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी विश्वरंजन कुमार आनन्द, शैलेन्द्र राय, महेंद्र तिवारी, अजीत दूबे, दिवाकर चौधरी, सन्तोष गुप्ता, अमरनाथ कुशवाहा, दीपक पाण्डेय सहित सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।