SIDHARTHNAGAR NEWS: कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक प्रशिक्षण संयुक्त सचिव, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार गोविंद जायसवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., सहायक निदेशक सुमन शा तथा केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित शैक्षिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाना तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाना रहा। संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल ने शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षण पद्धति को रोचक एवं प्रभावी बनाने तथा डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने जनपद में शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में समय से पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का समय-समय पर मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए। बैठक में ‘सारथी’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से आईआईटी कानपुर द्वारा नीट एवं जेईई की तैयारी कराए जाने की जानकारी दी गई तथा सभी विद्यार्थियों का ‘अपार आईडी’ बनवाने के निर्देश भी दिए गए। सहायक निदेशक सुमन शा ने शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से अवगत कराने पर जोर देते हुए कहा कि उनके कौशल विकास के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वे आधुनिक शिक्षण विधियों को अपनाकर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकें। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अधिकारियों ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने भाषा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने हेतु नवाचारों पर बल दिया और शिक्षकों को नवीन तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। बैठक के अंत में संयुक्त सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्राचार्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।







