SIDHARTHNAGAR NEWS: जिले के परिषदीय विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने बेसिक शिक्षा विभाग पर असंगत और मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानांतरण के नाम पर शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे उनमें अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में शिक्षक विधायक ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया विभागीय कमियों को छिपाने का प्रयास है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकारियों की सह पर शिक्षकों का शोषण चरम पर है। उन्होंने सत्र के बीच किए जा रहे स्थानांतरणों के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानांतरण सत्र प्रारंभ के समय या ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ही होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बंद या एकल विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की जा रही है, वहां छात्र नामांकन कैसे होगा और अगले तीन माह तक शिक्षक कौन-सा कार्य करेंगे, यह स्पष्ट नहीं है। यह तुगलकी फरमान जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। शिक्षक विधायक ने बताया कि वह मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मध्य सत्र में बंद व एकल विद्यालयों में समायोजन की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग करेंगे। साथ ही, इस प्रक्रिया से प्रभावित शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि सरकार ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो प्रदेश का शिक्षक महासंघ इसका पुरजोर विरोध करेगा।







