डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों और देवी गीतों से वातावरण हुआ भक्तिमय
KUSHINAGAR NEWS: शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद शुक्रवार को बाड़ीपुल के बाड़ी नदी में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान भक्तों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ माता रानी को विदाई दी। विभिन्न पूजा पंडालों से भक्तजन माता रानी की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर निकले। पूरे रास्ते पर “जय माता दी” के नारों, डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों और देवी गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए नाचते- गाते विसर्जन स्थल तक पहुंचे।नवरात्र के नौ दिन तक माता रानी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना और हवन-पूजन के बाद दशमी तिथि पर भक्तों ने पूरे विधि-विधान से प्रतिमाओं को विदाई दी। विसर्जन स्थल पर आरती और मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। भक्तों ने “माता रानी अगले बरस जल्दी आना” के साथ मां को विदाई दी। जगह-जगह प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और शांति व्यवस्था बनाए रखी।थानाध्यक्ष अभिनव मिश्रा स्वयं पुलिस बल के साथ जगह-जगह भ्रमण करते रहे विसर्जन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का कमान संभाले रखा वही साखोपार कानूनगो मार्कण्डेय मणि अपने लेखपाल के साथ मुस्तैद रहे। बाड़ीपुल चौराहे पर श्री श्री 108 दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अमर कुशवाहा के नेतृत्व मे बाड़ीपुल चौराहे पर मंच से सभी जगहों से आ रही मूर्ति विसर्जन का अभिवादन किया और वरीयता क्रम में पुरस्कार भी बाटा गया मुख्यातिथि नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि राकेश जायसवाल व ओमप्रकाश जायसवाल, साखोपार मंडल अध्यक्ष किन्नरेश चौबे, मीडिया प्रभारी विश्वरंजन मंडल महामंत्री शैलेन्द्र राय विजय तिवारी मौजूद रहे। संचालन मनंजय तिवारी ने किया।







