JAUNPUR NEWS: जौनपुर शहर के हृदय स्थल चहारसू चौराहे से सद्भावना पुल की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाली का जीता-जागता उदाहरण बना हुआ है। यह वही सड़क है, जहाँ से प्रतिदिन हज़ारों लोग—छोटे व्यापारी, महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग—आवागमन करते हैं। सड़क के दोनों ओर भोजनालय और दुकानों की कतारें हैं, लगातार ट्रैफिक का दबाव रहता है, लेकिन सड़क के बीचों-बीच भरा कीचड़ और गंदा पानी किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। स्थिति यह है कि बारिश हो या न हो, सड़क पर जमा कीचड़ और फिसलन भरा पानी लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं, पैदल चलना दूभर हो गया है और दुकानदारों का व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इसी मार्ग से प्रतिदिन जनपद के तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी गुजरते हैं, तो फिर महीनों से इस बदहाल सड़क पर किसी जिम्मेदार की नजर क्यों नहीं पड़ रही? क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है?
क्या आम जनता की परेशानी अब व्यवस्था के लिए कोई मायने नहीं रखती? यह मार्ग किसी गली-मोहल्ले का नहीं, बल्कि शहर की सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। इसके बावजूद न तो सड़क की मरम्मत की जा रही है, न जलनिकासी की कोई व्यवस्था है और न ही किसी स्थायी समाधान की पहल। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को तत्काल संज्ञान में लेते हुए — जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की जाए, — सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, — और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। सवाल उठाना ज़रूरी है, क्योंकि यह महज़ एक सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की जान और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।







