PRAYAGRAJ NEWS: माघ मेला के संगम लोवर पर तंत्रयोगी स्वामी अमृतदास जी महराज की श्रीमदभागवद कथा चल रही है। तंत्रयोगी स्वामी अमृतदास जी महराज ने दूसरे दिन की कथा में कहा कि व्यक्ति जाति या वर्ण से नहीं बल्कि कर्मों से महान बनता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण की पुनीत पावन कथा में कहा कि धुंधकारी नाम का व्यक्ति आत्मदेव नाम के ब्राह्मण का पुत्र था। वह जाति से ब्राह्मण था लेकिन उसने शराब का पान किया, मांस खाया और धर्म से भ्रष्ट हुआ इसलिए मरने के बाद प्रेत योनि में पहुंचा। उसकी मुक्ति के कई उपाय किए गए पर फिर भी वह मुक्त नहीं हुआ तो आखिरी में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण किया, तब जाकर उसकी मुक्ति हुई इसलिए जीवित अवस्था में ही व्यक्ति को भगवान का भजन करते हुए मोक्ष के लिए लगना चाहिए। उन्होंने बताया कि शिविर में पूजन, हवन और भण्डारा माघी पूर्णिमा तक चलेगा जहां बडी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे है।







