Home उत्तर प्रदेश विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

VARANASI NEWS: गुरुवार को ”विश्व आत्महत्या रोक-थाम दिवस” पर हरिश्चंद्र पी.जी. कालेज, वाराणसी के मनोविज्ञान विभाग मे “मार्गदर्शन और परामर्श प्रकोष्ठ” के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम के तहत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मनोविज्ञान विभाग की प्रभारी एवं “मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रकोष्ठ की संयोजिका  प्रोफेसर ममता वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि W.H.O. द्वारा इस वर्ष भी चर्चा का विषय “आत्महत्या सम्बन्धित कथानकों में बदलाव (Changing narrative on Suicide 2024-26) है।इसका प्रमुख उद्देश्य आत्महत्या पर खामोशी को समाप्त करना तथा सोशल स्टिग्मा को तोड़ना और इस संवेदनशील एवं गंभीर समस्या को सहानुभूति पूर्ण  संवाद में परिवर्तित करना है।हमारी आज की संगोष्ठी का विषय है-“हर जीवन अनमोल “।उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष पूरी दुनियां में आठ लाख से भी ज़्यादा लोग आत्महत्या करते हैं अर्थात् लगभग हर 40 मिनट पर एक । भारत में 2022 में 1.71 लाख लोगों ने आत्महत्या की, जिसमें 15-29 वर्ष के युवा ज़्यादा रहे । 2024 में केवल 13000 से अधिक छात्र आत्महत्या का शिकार हुए ।विशेष रूप से कोटा ,राजस्थान में2023 में 26,2024 में 17 तथा 2025 में अब तक 14  स्टूडेंट्स इस विकार का शिकार हुए हैं । यह स्थिति स्पष्ट संकेत दे रही है कि कोटा में छात्रों की आत्महत्या  के आँकड़े अन्तर्मन को झकझोर देने वाले हैं ये चेतावनी देते हैं कि शैक्षणिक दबाव,पारिवारिक व सामाजिक तनाव तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी किस तरह से युवाओं के जीवन को प्रभावित कर रही है।परंतु इसकी रोकथाम के लिए प्रशासनिक पहल kota cares, WHO आधारित गेटकीपर प्रशिक्षण और Dinner with Collector आदि प्रयास कारगर सिद्ध हो रहे हैं ।आत्महत्या के कारण अनेक है पर स्टूडेंट्स के संदर्भ उन्होंने कही ना कही अस्वस्थ पेरेन्टिंग को इसके लिए ज़िम्मेदार बताया और कहा कि आज भी बच्चे अपने पेरेन्ट्स के अधूरे सपनों का बोझ  अपनी पलकों पर उठाए हुए हैं । ऐसा नहीं होना चाहिये। हर माता-पिता को अपने बच्चों से निरंतर संवाद करते रहना चाहिये, उन्हें भावनात्मक संबल प्रदान करना चाहिए तथा बच्चों को स्वतंत्र रूप से अपनी प्रतिभा को निखारने का सुअवसर देना चाहिए ।इसके रोकथाम की चर्चा करते हुए वर्तमान में  सरकारी ,राज्य स्तर  तथा डिस्ट्रिक्ट स्तर पर दिए जानेवाली सहायता, किरन और आसरा हेल्पलाइन तथा सामाजिक प्रयासों की भी जानकारी दी तथा ज़्यादा से ज़्यादा वेलनेस सेंटर बनाने की आवश्यकता बताई ।अंत में उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता पैदा करने के लिए आवश्यक हैं क्योंकि हर जीवन अनमोल है,यदि परिवार , समाज और संस्थान मिलकर दृढ़ता एवं संवेदनशीलता से प्रयास करें तो  सफलता अवश्य  मिलेगी । इस कार्यक्रम सेबी कार्यकर्ता पूजा श्रीवास्तव ने आत्महत्या रोकथाम के लिए मानसिक स्वास्थ्य के समग्र दृष्टिकोण के उपयोग के बारे मे बताया। साथ ही सेबी से जुड़े हुए ऑनलाइन ट्रेनर डॉ राजेश ने विद्यार्थियों को गूगल मीट के द्वारा साइबर क्राइम: फाइनेंसियल अवेयरनेस पर अपना व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में एम. ए की विद्यार्थियों वैशाली सोनकर एवम श्वेता मौर्या ने आत्महत्या रोकथाम एवं जागरूकता पर अपने विचार रखें। कार्यक्रम का संचालन डॉ अलका श्रीवास्तव एवं धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक डॉ बीरेन्द्र पटेल द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में पवन कुमार सिंह, गणेश यादव, रुचि तथा स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।