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विधायक डॉ. वाचस्पति का बड़ा दांव, मुख्यमंत्री से आमने-सामने रखी बारा की सबसे बड़ी समस्या

पचास साल पुराना पीपा पुल बना मुसीबत, चार जिलों की लाइफलाइन के लिए स्थायी पुल की जोरदार मांग
PRAYAGRAJ NEWS:  मंगलवार को यमुनानगर क्षेत्र के बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात कर क्षेत्र की सबसे ज्वलंत और वर्षों से लंबित समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा। विधायक ने लिखित पत्र सौंपते हुए विधानसभा क्षेत्र संख्या दो सौ चैंसठ बारा के अंतर्गत विकास खंड शंकरगढ़ के ग्राम प्रतापपुर में लगभग पचास वर्षों से बने अस्थायी पीपा पुल के स्थान पर स्थायी पुल निर्माण की मांग जोरदार तरीके से उठाई। मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में विधायक ने स्पष्ट लिखा कि बरसात के दिनों में नदी में पानी बढ़ते ही पीपा पुल को हटा दिया जाता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुल हटते ही लोगों को करीब सौ किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ता है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत छात्रों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और मरीजों को होती है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से लोगों की जान तक खतरे में पड़ जाती है। विधायक ने यह भी बताया कि यह पुल केवल एक गांव का रास्ता नहीं बल्कि प्रयागराज, कौशांबी, बांदा और चित्रकूट जनपद को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल हटने के बाद चारों जिलों के हजारों लोगों का संपर्क टूट जाता है और पूरा इलाका विकास से कट जाता है। डॉ. वाचस्पति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनहित और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए पीपा पुल के स्थान पर स्थायी पुल का निर्माण तत्काल स्वीकृत किया जाए, ताकि पचास वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके और यमुनानगर क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात के बाद बारा विधानसभा क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि लंबे समय से अटका पुल निर्माण का मामला अब तेजी पकड़ सकता है। लोगों को उम्मीद है कि विधायक की सीधी पहल से इस बार बड़ी कार्यवाही देखने को मिल सकती है। विधायक के मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी ने बताया कि इसके अलावा विधायक जी ने कौंधियारा के लघु डाल नहर पर 50 क्यूसिक पम्प की स्थापना के पश्चात् ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले गाँव देवरा, पिपरहटा, ओसा, अतरि कलां, पिपरांव, खुल्ली बैरी, कमला पम्प नहर के तृतीय चरण हेतु नहर की तृतीय शाखा बनाये जाने से पठारी क्षेत्र शंकरगढ़ के अन्तर्गत आने वाले गाँवों जैसे भोंड़ी, खान सेमरा, कपसो, अमिलिहाई, शिवराजपुर, गाढ़ा कटरा, बड़गड़ी, बिहरिया, जनवा एवं अभयपुर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में अन्नदाता किसानों की बंजर पड़ी भूमि सिंचित हो जाने से विधान सभा की 30 प्रतिशत की जनमानस को लाभ पहुँचेगा, इसके अलावा शंकरगढ़ के नीबी माइनर सेहुंडा नहर पर मिनी लिप्टर लगाने से टेल तक न पहुँचने वाले पानी से समाधान हो जाने पर किसानों की सिंचाई की समस्या से छुटकारा प्राप्त हो जायेगा।