Home उत्तर प्रदेश विकास कार्यों में तेजी लाकर जनपद की रैंकिंग सुधारें: जिलाधिकारी

विकास कार्यों में तेजी लाकर जनपद की रैंकिंग सुधारें: जिलाधिकारी

SIDHARTHNAGAR NEWS: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (विकास कार्यों) एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक सिद्धार्थ सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, पीएम कुसुम योजना, फसल अवशेष प्रबंधन, छात्रवृत्ति, पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्धारित समय सीमा के भीतर ट्रांसफार्मर बदलने, शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति करने तथा स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार हटाने के निर्देश दिए। पीएम सूर्य घर योजना में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जीरो पॉवर्टी योजना के अंतर्गत पात्रों का सत्यापन कर सभी लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। स्वयं सहायता समूहों के गठन और उन्हें रिवॉल्विंग फंड उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। सीएमआईएस पोर्टल पर लंबित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाकर समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी अधिशासी अभियंताओं एवं प्रोजेक्ट मैनेजरों को गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन के तहत ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कर परीक्षण के बाद जलापूर्ति शुरू करने तथा जहां कार्य पूर्ण हो चुका है वहां कनेक्शन देकर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने को भी कहा गया। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री में प्रगति लाने, सीएम डैशबोर्ड पर समय से फीडिंग करने तथा जनपद की रैंकिंग प्रथम श्रेणी में लाने के लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर लाइट योजना, एम्बुलेंस सेवा (102), राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, मोबाइल मेडिकल यूनिट, पशु टीकाकरण, सामाजिक वनीकरण, पेंशन योजनाएं सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा नेडा, उद्यान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मनरेगा, जल निगम, पंचायती राज, प्राथमिक शिक्षा, पशुधन, मत्स्य, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, फसल बीमा, श्रम एवं सेवायोजन सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्णता और सत्यापन के बाद शीघ्र हैंडओवर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।