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रेंन्जर हरिकिशोर शुक्ला की अगुवाई में फिर हुआ अवैध कटान का कारोबार शुरू

JALAUN NEWS: एक ओर जहां वर्तमान में योगी सरकार वृक्षारोपण के कई अभियान चला करके वृक्षारोपण कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है वहीं ठीक इसके दूसरी ओर वन विभाग में ही तैनात उच्च अधिकारी सरकार की इस मंशा को किस तरह से पलीता लगा रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण हम आपको बता रहे हैं कि अभी दो माह पहले प्रतिबंन्धित शीशम की लकड़ी को वन विभाग के सरकारी ट्रैक्टर द्वारा जालौन से बस्तेपुर की आरा मशीन पर पहुंचाये जाने का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें मीडिया की टीम वन विभाग के सरकारी ट्रैक्टर के पीछे लग गई थी और वह लकड़ी बस्तेपुर की आरा मशीन पर पहुंच भी चुकी थी ।लेकिन मीडिया कर्मियों की सक्रियता के कारण वह शीशम की लकड़ी आरा मशीन पर नहीं उतर सकी और फिर जालौन रेंन्ज के रेंन्जर हरीकिशोर शुक्ला ने अपना अपराध छुपाने के लिए उस सरकारी ट्रैक्टर को नैनापुर की सरकारी पौधशाला में भेज दिया था।वहां तक भी मीडिया की टीम बराबर पीछे लगी रही थी ।उस मामले में डीएफओ महोदय जालौन ने जालौन रेंन्ज के रेंन्जर हरिकिशोर शुक्ला को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया था और तीन सदस्यीय टीम भी जांच के लिए गठित कर दी थी ।लेकिन मामला टांय – टांय फिस्स – फिस्स हो गया था।मामले को ठंण्डे बस्ते में डलता देख जालौन रेंन्ज के रेंन्जर हरीकिशोर शुक्ला की सरपरस्ती में एक बार फिर से प्रतिबन्धित नीम एवं शीशम की लकड़ी की अवैध कटाई का कारोबार शुरू हो गया है । मामला सिरसा रोड के सदूपुरा गांव एवं अटरा गांव के आसपास के जंगलों का है ।जहां पर मीडिया की सक्रियता से एक ट्रक जिसका नंम्बर UP36  T3638 है और तीन ट्रैक्टर पकड़े गए हैं । मीडिया ने जब मौके पर जाकर के देखा तो भारी मात्रा में प्रतिबंन्धित नीम एवं शीशम की लकड़ी काटी जा चुकी थी और करीब 5 – 6 मजदूर एक ठेकेदार की अगुवाई में काम कर रहे थे । मजदूरों को काम करता देख मीडिया को ऐसा कतई नहीं लग रहा था कि इन लोगों को वन विभाग का या पुलिस का कोई भी सरकारी डर हो ।जैसे ही मीडिया की टीम वहां पहुंची तो देखा कि नीम एवं शीशम के कई मोटे-मोटे बड़े पेड़ काटे जा चुके थे । मीडिया के पहुंचने की भनक जैसे ही जालौन रेंन्ज के रेंन्जर हरीकिशोर शुक्ला को हुई तो वह अपनी कारगुजारी को छुपाने के लिए तुरंन्त ही अपनी वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और दिखावे के लिए ट्रक एवं तीनों ट्रैक्टर को अपने साथ ले गए हैं । इसमें एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो कि अभी एक माह पहले न्यामतपुर में पकड़ी गई डीसीएम से संम्बंन्धित है ।जिसे वन विभाग के अधिकारियों ने पकड़ी थी ।उसमें भी प्रतिबंन्धित नीम एवं शीशम की कटी हुई लकड़ी मिली थी और जिसको काटने की कोई परमीशन नहीं थी ।जिस पर डीएफओ ने करीब दो  ढाई लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था । इस वीडियो को भी उससे  मिलाकर के यह मामला संदिग्ध लग रहा है ।क्योंकि वीडियो में रेंन्जर हरिकिशोर शुक्ला साहब लकड़ी कटान करने वाले ठेकेदार से साफ कह रहे हैं कि अभी जब तुमको न्यामतपुर में पकड़ा गया था ,तब तुमने क्या कहा था कि साहब इस बार गलती माफ कर दो ।अब आगे से ऐसी गलती नहीं होगी । यहां सोचने वाली बात यह है कि क्या इस अवैध कटान के कारोबार में रैन्जर हरीकिशोर  शुक्ला की सरपरस्ती का ही हाथ है या फिर और कुछ बात है क्योंकि क्या अधिकारियों के पैर पकड़ लेने से या गलती मना लेने से किसी का अपराध खत्म हो जाता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।