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राष्ट्रीय लोक अदालत में करोड़ों रुपये के अर्थदंड और समझौते के साथ लोगों को मिला त्वरित न्याय

BALRAMPUR NEWS: कमाल खान (ब्यूरो प्रमुख) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार,  जनपद न्यायालय परिसर बलरामपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और जनपद एवं सत्र न्यायाधीश श्री उत्कर्ष चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न श्रेणियों के हजारों लंबित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया।
मुख्य सांख्यिकीय विवरण
लोक अदालत के दौरान राजस्व, फौजदारी, सिविल, बैंक रिकवरी और मोटर दुर्घटना जैसे मामलों में बड़ी सफलता प्राप्त हुई:
कुल निस्तारित मामले
अदालतों द्वारा कुल 6,809 वादों का निस्तारण किया गया।
राजस्व मामले

राजस्व न्यायालयों द्वारा कुल 35,662 मामलों का निस्तारण किया गया (प्री-लिटिगेशन सहित)।
बैंक रिकवरी:
बैंक से संबंधित 1,002 मामलों का समाधान करते हुए 6.05 करोड़ रुपये की धनराशि का समझौता कराया गया।
अर्थदंड की वसूली:
फौजदारी वादों में कुल 1,62,300 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
प्रमुख अदालतों का प्रदर्शन:
पारिवारिक न्यायालय:
60 वादों का निस्तारण किया गया और 16.20 लाख रुपये दिलाए जाने के आदेश पारित किए गए।
मोटर दुर्घटना दावा: 21 वादों का निस्तारण कर 1.69 करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिकर धनराशि जारी करने का आदेश दिया।
विद्युत मामले:
विद्युत बिल से संबंधित सभी 79 वादों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया।
फौजदारी एवं अन्य:
सर्वाधिक 3,108 फौजदारी मामलों का निस्तारण किया।
त्वरित न्याय की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री यशपाल वर्मा ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का कम खर्च और बिना किसी कटुता के समाधान करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से न केवल न्यायालयों का बोझ कम होता है, बल्कि वादकारियों को भी मानसिक और आर्थिक राहत मिलती है।
इस अवसर पर जनपद के विभिन्न न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, बैंक प्रतिनिधि और भारी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।