प्रयागराज/प्रतापगढ़। होली के पावन अवसर पर रानीगंज तहसील, प्रतापगढ़ जिले के भैसौना गांव में वर्षों से चली आ रही अनोखी परंपरा “होलीयारों की बारात” इस वर्ष भी बड़े उत्साह और भाईचारे के साथ संपन्न हुई। इस कार्यक्रम में गांव के सभी वर्गोंकृबुजुर्ग, महिलाएं, युवा, बच्चे एवं विभिन्न जाति-समुदाय के लोगकृएक साथ शामिल हुए और एकता, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत गांव के एक निर्धारित स्थान पर सभी लोगों के एकत्र होने से हुई, जहां सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। बच्चों और महिलाओं ने बुजुर्गों को गुलाल लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी लोगों के लिए ठंडाई, गुजिया, समोसा, चिप्स, फल-चाट आदि नाश्ते की व्यवस्था की गई, जिसका सभी ने आनंद लिया।
इसके पश्चात डीजे, ढोल-नगाड़े और ढोलक की धुन पर होली के पारंपरिक गीतों के साथ उत्सव का माहौल और भी रंगीन हो गया। इसके बाद “होलीयारों की बारात” 200 से अधिक लोग रंगों से सराबोर होकर गांव के घर-घर जाकर लोगों से होली मिलते रहे । लगभग 20 से 25 घरों में जाकर सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं, वहीं घर के लोगों ने अपने घर के बने पकवान और मिठाइयों से बारात का स्वागत किया। दोपहर से शुरू हुआ यह कार्यक्रम शाम तक चलता रहा और अंत में सभी लोग डॉ राजीव सिंह एवं डॉ अरविन्द कुमार सिंह के घर पर एकत्र हुए, जहां सामूहिक भोजन की व्यवस्था की गई। इस दौरान महिलाओं ने समूह में पारंपरिक होली गीत गाए, जबकि पुरुषों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
इस वर्ष के इस विशेष कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों ने अपने परिवार सहित सहभागिता की। उल्लेखनीय बात यह रही कि आयोजन समिति द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी व्यक्ति किसी के साथ अभद्र भाषा, झगड़ा या जबरदस्ती न करे और नशामुक्त होली मनाई जाए, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी सुरक्षित और आनंदपूर्वक इस उत्सव में भाग ले सकें। यह कार्यक्रम नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राजीव सिंह, डॉ. सोनिया सिंह, एग्जाम युग 24 कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर डॉ. अरविंद कुमार सिंह, शिक्षक रत्नेश सिंह, राजेंद्र बहादुर सिंह, पुष्पेन्द्र बहादुर सिंह, शेर बहादुर सिंह, मुन्नू सिंह, ग्राम प्रधान सोनू सिंह, हाकिम सिंह एवं अनिल सिंह के सामूहिक प्रयास और सहयोग से आयोजित किया गया। विशेष बात यह रही कि गांव के कई लोग जो दिल्ली, मुंबई, लखनऊ जैसे शहरों में कार्यरत हैं, वे भी अपने परिवार के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव आए, ताकि उनके बच्चे गांव की संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों से परिचित हो सकें। आज यह आयोजन पूरे प्रयागराज मंडल में एक अलग पहचान बना चुका है और “अनेकता में एकता” तथा सामाजिक सद्भाव का प्रतीक बन गया है।
अंत में सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश दिया।
होली पर संदेश
“होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का पर्व है। हमें चाहिए कि हम होली को आपसी सम्मान, सद्भाव और मर्यादा के साथ मनाएं। किसी के साथ जबरदस्ती, अपशब्द या नशे के बिना यदि होली मनाई जाए तो यह त्योहार समाज को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है।” डॉ. राजीव सिंह
“हमारी भारतीय संस्कृति में त्योहार केवल उत्सव नहीं बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने का माध्यम हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे सामूहिक कार्यक्रम लोगों को एक साथ लाते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं। हमें ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना चाहिए।” डॉ. अरविंद कुमार सिंह







