KAUSHAMB NEWS: राजकीय महाविद्यालय सिराथू में 15 नवम्बर 2025 को “सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान” का व्यापक और प्रभावी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं तथा स्थानीय समुदाय में सड़क सुरक्षा के महत्व को समझाना और यातायात नियमों के पालन को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि बढ़ती सड़क दुर्घटनाएँ यह संकेत देती हैं कि सड़क सुरक्षा जागरूकता आज की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय प्रसाद शर्मा ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का मूल मंत्र है।” उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा, नशे में वाहन न चलाने, तथा मोबाइल फोन के ख़तरों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “जागरूकता तभी सार्थक है जब हम इसे अपने व्यवहार में उतारकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएँ।” सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान जन-सहभागिता, उत्साह और सामाजिक दायित्व की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभियान के अंतर्गत पोस्टर/स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने रचनात्मकता और जागरूकता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। पोस्टर/ स्लोगन प्रतियोगिता में निहारिका साहू प्रथम, इभा तिवारी द्वितीय, तथा मनीता देवी तृतीय स्थान पर रहीं। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. विपुल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी अतिथियों, प्रतिभागियों तथा महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा के वैश्विक और राष्ट्रीय संदर्भ पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की जिसमे उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2010–2020 को ‘सड़क सुरक्षा दशक’ घोषित किया गया था, जिसका उद्देश्य विश्व स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु-दर को कम करना था। भारत भी इस वैश्विक पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु-दर को 50% तक कम करना है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. मीरा पाल, प्रो. स्मिता पॉल, डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल, डॉ. विकास चंद्र, डॉ. अय्यूब अहमद, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, तथा समस्त महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।







