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योगी सरकार ने पूरे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था का मजाक बना दिया :महेंद्र सिंह

एक समान प्रश्न पत्रों के निर्माण और वितरण में लिप्त दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो

दलित-पिछड़े वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने के बजाय सरकार सांप्रदायिक राजनीति में व्यस्त – महेंद्र सिंह

LUCKNOW NEWS:  आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग डेढ़ करोड़ छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ कर रही है। महेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार 16 मार्च से पूरे प्रदेश में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हुई हैं, लेकिन सरकार ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीरता को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए कक्षा 6, कक्षा 7 और कक्षा 8 के छात्रों के लिए एक ही प्रश्नपत्र जारी कर दिया। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान तीनों कक्षाओं के प्रश्नपत्र मीडिया को दिखाते हुए कहा कि इन तीनों कक्षाओं के प्रश्नपत्र पूरी तरह समान हैं, केवल कक्षा का नंबर बदल दिया गया है। महेंद्र सिंह ने कहा कि यह घटना अपने आप में बेहद शर्मनाक है और ऐसी लापरवाही शायद ही दुनिया के किसी भी शिक्षा तंत्र में देखने को मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग एक करोड़ पचास लाख बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के लिए बच्चों की शिक्षा और उनका भविष्य प्राथमिकता नहीं है, वह सरकार प्रदेश को आगे ले जाने की बात कैसे कर सकती है। महेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले चार महीनों से उत्तर प्रदेश में चल रहे एसआईआर के काम में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई थी। इसके अलावा हाल ही में हुई यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में भी शिक्षकों को व्यापक रूप से तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने के कारण शिक्षक अपने स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाने का काम नहीं कर सके, जिसके कारण बड़ी संख्या में छात्रों का सिलेबस पूरा ही नहीं हो पाया। इसके बावजूद योगी सरकार ने बिना सिलेबस पूरा कराए ही परीक्षाएं आयोजित कर दीं, जो सीधे तौर पर छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की स्थिति यह है कि शिक्षा व्यवस्था का मजाक बनकर रह गया है। सरकार की नीतियों के कारण स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। महेंद्र सिंह ने कहा कि परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र दलित और पिछड़े वर्गों से आते हैं, जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और जिनके लिए सरकारी स्कूल ही शिक्षा का एकमात्र सहारा होते हैं। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि सरकार इन बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय पूरी तरह उपेक्षा कर रही है। महेंद्र सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी की मांग है कि सरकार तुरंत इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराए और प्रश्नपत्र निर्माण तथा वितरण की प्रक्रिया में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी पारदर्शी और जिम्मेदार परीक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो। महेंद्र सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में पढ़ने वाले दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर गंभीरता से काम करने के बजाय लगातार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में लगी हुई है और उसी का परिणाम है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लगातार चौपट होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदेश के डेढ़ करोड़ छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।