Home उत्तर प्रदेश योगी के लेडी सिंघम के साथ घिनौना मजाक शोहदों को पड़ेगा भारी

योगी के लेडी सिंघम के साथ घिनौना मजाक शोहदों को पड़ेगा भारी

MIRZAPUR NEWS: (अमरेश चन्द्र पाण्डेय)  योगी के लेडी सिंघम जनपद की लोकप्रिय पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के साथ किया गया घिनौना मजाक शोहदों को भारी पड़ेगा। एक गौ तस्करी के मामले में अपर्णा रजत कौशिक पत्रकारों के साथ प्रेस ब्रीफिंग कर रहीं थीं। सोशल मीडिया के कुछ मानसिक दिवालियेपन के शिकार यूजरों ने जिस तरह उनके शारीरिक बनावट पर अश्लील, भद्दे व अस्वीकार्य कमेन्ट्स किया है, उससे जनपद में भारी दुख व आक्रोश व्याप्त है। जनपद वासियों का कहना है कि ऐसे नीच व दुष्ट वेशर्मी का ईलाज कानून नहीं सिर्फ जूता व चप्पल है। ऐसे लोफरों को अपर्णा रजत कौशिक की काबिलियत, उनकी कड़ी मेहनत, उनकी हिम्मत, उनका साहस, अपराधियों पर कहर बनकर टूटने से उन्हें प्रदेश में मिली लेडी सिंघम की उपाधि, दूर-दूर तक नहीं दिखाई पड़ी। दिखाई पड़ा तो केवल उनकी शारीरिक बनावट । यदि समाज के अनपढ़ गवार कोई हरकत करें तो बात कुछ समझ में आती है, किन्तु समाज के पढ़े-लिखे व्यक्ति इस स्तर के मानसिक दिवालिया हो जाय तो फिर समाज का क्या होगा। कमेंट्स इस स्तर के अश्लील व गन्दे हैं कि उन्हें लिखा नहीं जा सकता। ऐसे शोहदे सिर्फ इतना जान लें कि अपर्णा रजत कौशिक पुलिस अधिकारी बाद में पहले वे हमारी, आपकी व पूरे समाज की प्यारी सी बहन व बेटी हैं। उन पर किया गया कमेंट्स समाज किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। भद्दी मजाक करने वाले शोहदें ध्यान से सुन लें कि अपर्णा रजत कौशिक ऐसे ही नहीं आई.पी.एस. बनी हैं, उसके पीछे यहीं वेशर्म शोहदें ही हैं। शिक्षा ग्रहण के दौरान जब उनकी सहेलियां रास्ते में स्कूल आते-जाते समय शोहदें। लोफरों व मनचलों के द्वारा की गई छेड़खानी की बातें उनसे साझा करतीं थी तो उनका खून खौल उठता था और उन्होंने मन ही मन निर्णय ले लिया था कि वे आई.पी. एस. बनकर वे ऐसे लोफरों व शोहदों का नेस्तनाबूद कर समाज की बहन व बेटियों को सुरक्षा प्रदान करेंगी। यहीं कारण था कि अथक परिश्रम कर वे आईपीएस बनीं और लाखों के पैकेज पर ठोकर मारकर भारतीय पुलिस सेवा में आ गई। शोहदों के इस कुकृत्य से सिर्फ मिर्जापुर की ही जनता नही, अमेठी, कासगंज, लखनऊ आदि तमाम जिलों की जनता में उबाल है और सब शोहदों को और ऐसे कुसंस्कार से उनका परवरिश करने वाले उनके माता पिता को जनता थू-थू कर रही है। ऐसे भद्दे कमेंट्स पर जनपद में तैनात अजीत सिंह, दयाशंकर ओझा, प्रदीप सिंह आदि कई प्रभारी निरीक्षक काफी व्यथित व मर्माहत हैं। आक्रोश इतना कि उनका वस-चले तो उन वेशर्मो को पाताल से खींच लाएं व उनका सही ईलाज कर दें। वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चन्द्र पाण्डेय ने आक्रोश व्यक्त करते हुये कहा ऐसे शोहदों ने मर्यादा व इन्सानियत दोनों शर्मसार कर दिया है। उन्होंनें कहा जब एक तेज तर्रार महिला पुलिस अधिकारी के प्रति उन शोहदों का ऐसा नजरिया है तो समाज के सामान्य नारियों व मां-बहनों-बेटियों को वे किस नजरिये से देखते होगें ?