साईं दाता कुटी के जंगल में RSS ने किया युवा वन बिहार
PRATAPGARH NEWS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रतापगढ़ नगर द्वारा युवा वन बिहार कार्यक्रम चिलबिला के साईं दाता कुटी स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में संपन्न हुआ। वन बिहार कार्यक्रम परम पवित्र भगवाध्वज के सानिध्य में युवा स्वयंसेवकों ने विविध प्रकार के ऊर्जा और उत्साह भरने वाले शारीरिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम हुए जिसमें युवाओं की कबड्डी प्रतियोगिता,बौद्धिक प्रतियोगिता जैसे पहेलियों का जवाब,अंत्याक्षरी आदि रोचक ढंग से हुआ। वन बिहार कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए काशी प्रांत के सह प्रांत महाविद्यालयीन विद्यार्थी कार्य प्रमोद ने कहा कि वन विहार कार्यक्रम प्रकृति के सानिध्य में आयोजित एक वार्षिक मिलन समारोह है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों में अनुशासन,शारीरिक क्षमता,टीम भावना,सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को बढ़ावा देना है,इसमें खेल, बौद्धिक सत्र और सहभोज (एक साथ भोजन) प्रमुख गतिविधि होते हैं,जो स्वयंसेवकों को ऊर्जावान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरआर एस) युवाओं को राष्ट्र के कर्णधार और भाग्य विधाता के रूप में देखता है, जो अपनी असीम ऊर्जा, प्रतिभा और राष्ट्रभक्ति के माध्यम से भारत को 2047 तक विकसित व आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम हैं। संघ शाखाओं और संस्कारों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, सामाजिक समरसता, और निस्वार्थ सेवा भाव विकसित कर उन्हें राष्ट्र पुनर्निर्माण के लिए प्रेरित करता है। अन्त में सभी स्वयंसेवकों ने साथ बैठकर भोज (सहभोज)किया। कार्यक्रम का नेतृत्व नगर कार्यवाह अंकित ने किया।कार्यक्रम में विभाग संघचालक रमेश,विभाग कार्यवाह हरीश,विभाग प्रचारक ओम प्रकाश,जिला कार्यवाह हेमन्त कुमार,जिला प्रचारक प्रवीण, प्रांत पर्यावरण प्रमुख कृष्ण मोहन, प्रांत घुमंतू प्रमुख शशिभाल,नगर संघ चालक जगदम्बा,नगर कार्यवाह अंकित,नगर प्रचारक विवेकानंद,सह नगर कार्यवाह सुमित,विभाग प्रचार प्रमुख प्रभा शंकर,विभाग कुटुंब प्रबोधन प्रमुख रघुवीर,विभाग सम्पर्क प्रमुख कार्तिकेय, जिला प्रचार प्रमुख अंकुर,सह जिला सेवा प्रमुख राजेश,क्रीडा भारती जिलाध्यक्ष ध्रुव,अभय, अजय,धीरज,राज,रोहित,सार्थक,अंबुज, अम्बुज, शिव सोनी, नरेंद्र, राघवेंद्र, शीतांशु, रमेश पटेल, राहुल,डॉक्टर जे पी वर्मा, कान्हा, अशोक शर्मा, सत्यम, अजीत, शुभम ,सत्यम,बिपिन सहित आदि स्वयंसेवक उपस्थित रहे।







