JHANSI NEWS: भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी ने पचकुंयाइ स्थिति कार्यालय पर बुन्देलखण्ड को 29वें राज्य व बुन्देली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में 23वीं भाषा होने का गौरव दिलाने हेतु बैठक का आयोजन किया बैठक पार्टी अध्यक्ष पंडित पंकज रावत के मुख्य आतिथ्य में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए रा. अध्यक्ष ने कहा कि बुन्देलखण्ड मात्र जमीन का टुकड़ा नहीं है इसकी अपनी एक विरासत है, गौरवशील इतिहास है, प्रेरणादायक काहानियां सुनने के बाद लोगो की बांह फड़फड़ाने लगे ऐसे किरदार हमारी माटी ने जन्में है। रावत ने कहा कि यदि समस्त देश में कही की बोली सबसे मीठी व अपनापन लिए है तो वो बुन्देलखण्ड है जिसे लोग अपनों के बीच बेझिझक बोलते है। उन्होने कहा कि ऐसी विरासत और इतिहास व मीठी बोली होने के बाद भी न तो राज्य सरकार बुन्देलखण्ड को अलग राज्य ब
नाये जाने केा प्रस्ताव केन्द्र के पास भेज रही है और न ही केन्द्र सरकार बुन्देलखण्डी को संविधान की आठवी अनुसूची में 23वीं भाषा के रूप में दर्ज करने के लिए कोई प्रयास कर रही। रावत ने कहा कि बुन्देलखण्ड में कई समस्याऐं है जिनमें से बेरोजगारी की समस्या विकट रूप धारण करती जा रही है, रोजगार न मिलने के कारण युवा वर्ग निराशा की चपेट में आ रहा है, जिससे युवा नशे और अपराध की तरफ जाने का मन बना रहा है जो क्षेत्र के लिए किसी विपदा से कम नहीं।
रावत ने कहा कि निश्चित की बुन्देलखण्ड का विकास राज्य बनने के बाद ही होगा जिसमें लोगों के समुचित सहयोग हेतु हमें घर घर तक दस्तक देनी होगी। बैठक का संचालन रा. उपाध्याक्ष प्रभात रावत ने तथा आभार सह महामंत्री धरन शर्मा ने किया। इस दौरान राकेश सुरौठिया प्रद्युम्न मिश्रा, राजीव ओझा, अजय मिश्रा, वीके शर्मा, आनंद मुदगल, राजेन्द्र मिश्रा, राजेश तिवारी, राकेश सुरौठिया, आशूतोष द्विवेदी, आनंद तिवारी, रघुनंदन यादव, एनपी सिंह, अमित यादव, श्रुति चडडा, नीरजा रावत, मीना रायकवार, सुमन अधिरवार, रसना शर्मा, सरोज पस्तोर आदि मौजूद रहे।







