BHADOHI NEWS: भदोही नगर मे दौङ रहे गरीबो मजदूरो की सवारी गाङी कहे जाने वाले ई रिक्शा व चालको की शामत आ गई है जिससे नगर के सभी ई रिक्शा चालको मे जबरदस्त आक्रोश उत्पन्न हो गया है क्योंकि प्रशासन द्वारा जारी फरमानो को पूरा करके नियमानुसार ई रिक्शा चलाकर अपना और अपने परिवार का भ्रमण पोषण कर रहे है और इस प्रकार गरीबो मजदूरो को एक जगह से अन्यत्र आवागमन करने का एकमात्र सहारा है जिससे गरीबो को पांच से दस रूपये मे आवागमन कर लेते है खैर बात जो भी इन दिनो प्रशासन द्वारा आए दिन अनावश्यक रूप से कानूनी कार्रवाई कर दिया जा रहा है आज ट्रैफिक पुलिस द्वारा लिप्पन तिराहे से गुज़र रहे आधा दर्जन ई0रिक्शा को नम्बर प्लेट न लगा होने के कारण जबरन सीज कर दिया गया। जबकि सभी गाड़ी में नम्बर प्लेट था। किन्ही कारण वश गाड़ी पर नही लगा था।सभी से नम्बर प्लेट मंगवाया गया जब तक रिक्शा चालक नम्बर प्लेट लेकर थाने पहुचे उससे पहले ही सभी गाड़ियों को सीज कर दिया गया। इस कार्यवाही से गरीब ई0रिक्शा चालकों पर आर्थिक व मानसिक मार पड़ी है। अधिकारी को चाहिए था कि उनका नम्बर प्लेट मंगवा कर अपने सामने लगवा देते,और हिदायत देकर छोड़ देते ताकि वो आर्थिक नुकसान और कोर्ट कचहरी के चक्कर से बच जाते। लेकिन उन्हें अपने अच्छे कार्य को दिखाने के लिए खाना पूर्ति करनी थी गरीब के घर शाम को चूल्हा जले चाहे न जले उनसे कोई मतलब नही था उन्हें तो गरीब के खिलाफ कार्यवाही करने का मौका चाहिए था ई0 रिक्शा चालक अधिकारियों के पास नम्वर प्लेट लेकर गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उनकी एक न सुनी गई और किसी भी गरीब को एक मौका दिए बगैर सभी गाड़ियों को सीज कर दिया गया। जिसे ई रिक्शा चालक और आमजन प्रभावित हो रहा है जो सरासर गलत है जबकि सरकार ने गरीबो की अच्छी सेहत और आमदनी को देखते हुए प्रदूषण रहित ई0 रिक्शा का ईजाद किया था बगैर ब्याज के आसान किस्तों में दे रही है ताकि गरीब रिक्शा चला कर अपने परिवार का भरण पोषण कर सके जिसका इसका लाभ सीधे जन-मानस को मिल भी रहा था मगर ये बात किसी न कीसी खटकने लगी और नये नये नियम थोपने लगे बस क्या था उन्ही नियमो के आधार पर अनावश्यक कार्रवाई कर दी जा रही है जो सीधे सीधे उनके रोजगार के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एक तरफ सरकार गरीबो को रोजगार देने के लिए गंभीर है दूसरी तरफ नियम कानून के नाम पर उनके रोजगार को छीना जा रहा है।जिले के आलाधिकारियों से गुज़ारिश है कि गरीब ई-रिक्शा चालकों के साथ नर्मी दिखाई जाए ताकि रोज़ कमाने खाने वालों के साथ रोजगार की समस्या न उत्पन्न हो।







