ETAWA NEWS: यमुना नदी एक बार फिर विकराल रूप धारण करती नजर आ रही है। शुक्रवार देर रात से लेकर शनिवार सुबह तक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्तमान में यमुना का जलस्तर 121.62 मीटर तक पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु 120.92 मीटर को पार कर चुका है और खतरे के बिंदु 121.92 मीटर के बेहद करीब है। लगातार बढ़ता पानी लोगों की चिंता और प्रशासन की चुनौतियों को बढ़ा रहा है। स्थानीय निवासी राकेश का कहना है कि सुबह से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस राहत नहीं पहुंची है। इटावा के कई अन्य हिस्सों में भी यमुना का पानी घरों, गलियों और दुकानों तक घुस चुका है। खेतों से लेकर गलियों तक सबकुछ जलमग्न हो गया है। गांवों में लोग अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। सड़कों पर कीचड़ भर गया है और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभाव यमुना घाट क्षेत्र में देखा जा रहा है, जहां अंतिम संस्कार के लिए जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न है। स्थानीय लोगों के मुताबिक लगभग पांच फीट तक पानी भरने से शव यात्रा ले जाना संभव नहीं रहा, जिसके चलते परिजन वैकल्पिक और लंबा रास्ता अपनाने को मजबूर हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारी अवनीश दुबे ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी पूरी कर ली गई है। संवेदनशील इलाकों में नावें तैनात कर दी गई हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। हालात ऐसे हैं कि जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है और लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है







