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मुंब्रा की सियासत के ‘मददगार’ स्तंभरू शमीम खान की समाजसेवा और समीर खान के नेक इरादों की खास रिपोर्ट

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मुंब्रा (विशेष संवाददाता नेहाल हसन सय्यद) कहते हैं कि सियासत अगर सेवा के जज्बे से की जाए, तो वह इबादत बन जाती है। मुंब्रा की राजनीति में एक ऐसा ही नाम उभरकर सामने आता हैकृ शमीम खान। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के कलवा-मुंब्रा अध्यक्ष शमीम खान ने हाल ही में पत्रकार नेहाल हसन सय्यद के साथ एक विशेष बातचीत में अपने जीवन के अनछुए पहलुओं को साझा किया।
राजनीति शौक नहीं, मजबूरी. शमीम खान
मुलाकात के दौरान जब नेहाल हसन ने उनसे राजनीति में आने की वजह पूछी, तो शमीम खान ने बड़ी सादगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, ष्मुझे राजनीति का शौक कभी नहीं था, मेरा असली शौक समाजसेवा है। लेकिन समाज के कुछ बड़े काम और सिस्टम की बाधाओं को दूर करने के लिए राजनीतिक शक्ति की जरूरत होती है, इसीलिए मैंने इस राह को चुना।ष्
समाजवादी पार्टी से अपने सफर की शुरुआत करने वाले शमीम खान आज विधायक जितेन्द्र आव्हाड के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार माने जाते हैं। एक सफल बिल्डर और बिजनेस मैन होने के बावजूद उनके दरवाजे जनता के लिए 24 घंटे खुले रहते हैं। मुंब्रा की जनता गवाह है कि उनके पास से कोई जरूरतमंद खाली हाथ नहीं लौटता।
विरासत में मिली सेवारू समीर खान ने पेश की मिसाल
शमीम खान के पदचिन्हों पर चलते हुए उनके सुपुत्र समीर खान भी अब जनसेवा के क्षेत्र में मिसाल पेश कर रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान समीर खान ने अपने हाथों से 800 गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया।
पत्रकार नेहाल हसन सय्यद से बात करते हुए समीर खान के विचारों ने सबको भावुक कर दिया। समीर ने कहा ः बचपन से अपने पिता को जमीन पर उतरकर लोगों की मदद करते देखा है। उन्होंने हमें यही सिखाया है कि अगर जिंदगी में तरक्की करनी है, तो कभी किसी का हक मत मारना, क्योंकि उससे अल्लाह नाराज होता है। हम तो सिर्फ एक जरिया हैं, करने वाला अल्लाह है। हम शुक्रगुजार हैं कि उसने हमें इस काबिल बनाया।
भावुक कर देने वाले विचार
समीर खान की इन बातों ने पत्रकार नेहाल हसन को भी प्रभावित किया। आज के दौर में जहाँ राजनीति सिर्फ सत्ता का खेल बनकर रह गई है, वहां खान परिवार के ये विचार उम्मीद जगाते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि दुनिया आज भी ऐसे ही नेक दिल इंसानों के दम पर टिकी है, जो मजहब से ऊपर उठकर इंसानियत की सेवा को सर्वोपरि मानते हैं।
पार्टी के संकटमोचक और विकास के सारथी
मुंब्रा में चाहे भव्य मुशायरे हों, शरद पवार जी का जन्मदिन हो या विकास कार्यों का प्रबंधनकृशमीम खान की भूमिका हमेशा अग्रणी रहती है। वे न केवल संगठन को मजबूती दे रहे हैं, बल्कि अपने निजी कोष से भी जनहित के कार्यों में आर्थिक योगदान देते रहते हैं।