अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के रद्द या स्थगित होने से निर्यातकों के करोड़ों रुपए के निर्यात ऑर्डर फंसे
BHADOHI NEWS: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव और युद्ध के हालात से भदोही के हस्तनिर्मित कालीन उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ा है। इस संकट के कारण निर्यात में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है।समुद्री रास्तों में बाधा के चलते परिवहन लागत बढ़ी है और होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियां रद्द या स्थगित होने से करोड़ों के ऑर्डर फंस गए हैं। भारत में सबसे अधिक कालीनों का निर्माण और निर्यात भदोही से होता है। इसलिए भदोही को कालीन नगरी कहा जाता है। अपनी खूबसूरती और कलात्मकता के कारण भदोही का हस्तनिर्मित कालीन उत्पाद दुनियाभर में मशहूर है। वैसे कालीन का 60 फीसदी निर्यात अमेरिका को होता है। लेकिन जब अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारतीय कालीन उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ थोप दिया था तो यह उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा था। ऐसे में जर्मनी और मिडिल ईस्ट भारतीय कालीन उद्योग के लिए एक उभरता हुआ बाजार साबित हो रहा था। जहां से भदोही के काफी निर्यातकों को निर्यात आर्डर मिले थे। इसी बीच ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण भदोही का कालीन उद्योग एकबार फिर संकट के दौर से गुजर रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण आयातकों द्वारा ऑर्डर रद्द कर दिए गए। वहीं आयोजित होने वाले कालीन मेलों को भी आयोजकों द्वारा रद्द या स्थगित कर दिया गया। जिससे भदोही के कालीन निर्यातकों के करोड़ों के ऑर्डर फंस गए। अगर युद्ध लंबा चला तो कालीन उद्योग को काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इनसेट संघर्ष लंबा चला तो उद्योग के अस्तित्व पैदा हो सकता है संकट ऑल इंडिया कार्पेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के पूर्व मानद सचिव हाजी शाहिद हुसैन अंसारी ने बताया कि ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच यह संघर्ष यदि लंबा चलता है तो भारतीय कालीन उद्योग के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो सकता है। क्योंकि यह उद्योग विदेशी मांग पर ही निर्भर है। युद्ध के कारण अमेरिका में होने वाले निर्यात में भी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भदोही के कालीन उद्यमियों के लिए यह स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण है। क्योंकि वे इन क्षेत्रों में कालीनों के निर्यात से होने वाली आय पर ही निर्भर है। भारतीय कालीन उद्योग 98 फीसदी निर्यात परख उद्योग है। घरेलू बाजार में इसकी खपत मात्र दो फीसदी है।







