Home उत्तर प्रदेश महिला अधिवक्ता मनीषा के जाल में फंसा फौज का जवान

महिला अधिवक्ता मनीषा के जाल में फंसा फौज का जवान

BALRAMPUR NEWS: प्रवीण कुमार सिंह निवासी ग्राम रामचौरा थाना कैंपियरगंज, जिला गोरखपुर, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में कार्यरत हैं जिसके द्वारा बताया गया कि उनका विवाह मनीषा चौधरी (अन्य नाम पूजा, नेहा, माही इत्यादि) पुत्री सत्यनारायण चौधरी, निवासिनी ग्राम रहमरवा, पोस्ट सोनपुर, थाना तुलसीपुर, बलरामपुर (अन्य पता ग्राम ढेकहरी, बढ़नी, सिद्धार्थनगर) के साथ आर्य समाज मंदिर लखनऊ में मनीषा के परिवार एवं उसके जानने वाले कुछ लोगो के दबाव में विवाह हुआ था। प्रवीण के अनुसार मनीषा जो पेशे से वकील है, के द्वारा प्रवीण के जीवन को नरक बना दी है। प्रवीण द्वारा बताया गया कि मेरी नौकरी और पिता की समस्त संपत्ति पाने के लिए मनीषा तरह तरह से अत्याचार कर रही है जिसमें उसका साथ प्रवीण के पड़ोसी और कैंपियरगंज के कोई वकील दे रहे हैं।
घटना क्रम –
शादी के बाद मनीषा अपने सास – ससुर से मार पिटाई कर समस्त जायजाद अपने नाम करवाने की मांग करने लगी। कुछ न होने पर उसके द्वारा प्रवीण के मोबाइल के निजी दस्तावेजों को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया जिसकी शिकायत प्रवीण ने साइबर क्राइम पोर्टल पर की। इस पर नाराज होकर मनीषा ने अपने हाथ की नस काट ली और प्रवीण को जेल भिजवाने की धमकी देने लगी। इसके बाद प्रवीण ने लखनऊ में न्यायिक पृथक्करण के लिए मुकदमा (वाद संख्या 2974/2023) दाखिल किया। जिसके बाद मनीषा ने प्रवीण और उसके परिवार पर 498 (ए) और अन्य धाराओं में मुकदमा करा दिया, जिसपर उच्च न्यायालय लखनऊ से स्टे प्राप्त है। जिसके बाद प्रवीण के पिता ने उन्हें अपनी समस्त संपत्ति से बेदखल कर दिया। उसके बाद मनीषा ने प्रवीण के कार्य स्थल पर जाकर उसे बदनाम करना और तरह – तरह के गलत आरोप लगाकर शिकायती पत्र भेजना शुरू कर दिया और तैनाती स्थल पर गलत आरोप लगाते हुए लोकल मीडिया को साक्षात्कार भी दिया गया। मनीषा यहीं नहीं रुकी और उसने प्रवीण को देश द्रोही साबित करने के लिए एन एस ए श्री अजीत डोवल को पत्र लिखा जिसमें प्रवीण को निर्दोष पाया गया। इसके बाद मनीषा ने पुनः प्रवीण को देश द्रोही साबित करने के लिए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा। लखनऊ में पेशी की एक तारीख पर मनीषा ने प्रवीण से झगड़ा करके उनके 20,000 रुपए और मोबाइल फोन की चोरी कर ली, जिसकी रिपोर्ट प्रवीण ने कैसरबाग थाने में दी तथा चीफ जूडिशियल मजिस्ट्रेट लखनऊ में क्रिमिनल मिसलेनियस केस (केस नं० 4993/2024) दाखिल किया गया। फरवरी 2025 में मनीषा आधी रात को कुछ पुलिस वालों तथा अज्ञात लोगों के साथ मिलकर प्रवीण के माता – पिता के घर में काबिज हो गई तथा उन्हें जान से मरने की धमकी देकर घर से निकाल दिया गया जिसकी शिकायत बूढ़े माता – पिता द्वारा हर जगह की गई किंतु कोई कारवाई नहीं हुई तथा मनीषा ने सीसीटीवी तोड़कर घर में अज्ञात लोगों को लाना शुरू कर दिया, गाँव वालों को इसकी खबर लगने पर मनीषा ने घर का ताला तोड़कर नगदी एवं जेवर लेकर चली गई और थाने में प्रवीण के छोटे भाई के ऊपर बलात्कार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई जो कि छान बीन में निराधार पाया गया। इसके अतिरिक्त मनीषा द्वारा लखनऊ में धारा 24 तथा गोरखपुर में धारा 144 के तहत भरण पोषण की मांग की गई एवं कैंपियरगंज में पूरे परिवार के ऊपर घरेलू हिंसा का मुकदमा भी दाखिल किया गया है। अब पुनः मनीषा चौधरी को उसके कुछ साथी वकील और पड़ोसी मिलकर प्रवीण के घर में स्थापित करवाना चाहते हैं और ऐसा न करने पर मरवाने और नए मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।