राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने उम्र सीमा को लेकर भागवत के बयान पर पीएम पर साधा निशाना
PRATAPGARH NEWS: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने निर्वाचन आयोग द्वारा बिहार में चल रहे मतदाता सूची सघन पुनरीक्षण अभियान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा आधार कार्ड समेत मुख्य पहचान पत्रों को स्वीकार किये जाने के निर्देश को स्वागत योग्य कहा है। उन्होने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्ड तथा मतदाता पहचान पत्र व राशन कार्ड को गणना तथा नामांकित करने के लिए एवं निर्वाचक सूची में नाम हेतु दस्तावेजी प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर आयोग के लिए परामर्शी निर्देश लोकतंत्र की मजबूती के लिए दीर्घकालिक शुभ संकेत है। उन्होनें कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसआइआर के बिहार चुनाव के मददेनजर समय को लेकर भी की गयी टिप्पणी भी बिहार मतदाता सूची संशोधन पर सराहनीय आदेश है। उन्होने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की गंभीर समीक्षा का निष्कर्ष भाजपा और जेडीयू के लोकतंत्र विरोधी कोशिशों पर करारा तमाचा भी है। उन्होने कहा कि इण्डिया गठबंधन हर कीमत पर आम आदमी के मताधिकार को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा के षडयन्त्र के खिलाफ संघर्ष को जारी रखेगी। वहीं उन्होनें कहा कि भाजपा से नैतिकता का दूर दूर तक सम्बन्ध नहीं रह गया है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पाकिस्तान के बीच इक्कीस बार सीजफायर के खुद के दावे के बाद अब वहां के विदेश मंत्री भी यह दावा पेश कर रहे हैं। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि इसके बावजूद पीएम मोदी अमेरिका के सामने यह कहने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं कि सीजफायर को लेकर आखिर वह लगातार गलत बयानबाजी क्यूं कर रहा है। वहीं राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती उम्र को लेकर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का संघ व पार्टी के पदाधिकारियों के लिए सार्वजनिक बयान है कि जब पचहत्तर साल के हो जाएं तो दूसरों को मौका देकर रास्ता बनाना चाहिए। सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि खुद उन्होंने बढ़ती उम्र का हवाला देकर पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन व कलराज मिश्र जैसे भाजपा के कद्दावर नेताओं को किनारे लगा दिया। ऐसे में क्या जब प्रधानमंत्री सितंबर में खुद पचहत्तर साल के होने जा रहे हैं, तो वह प्रधानमंत्री पर से हटकर पार्टी के किसी युवा को मौका देंगे। प्रमोद तिवारी ने पूछा कि कहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश की अनदेखी कर पद के लालच में नरेंद्र मोदी पचहत्तर वर्ष की आयु पार करने के बाद भी प्रधानमंत्री बने रहेंगे। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि हालांकि यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ एवं भाजपा का आंतरिक मामला है फिर भी मोहन भागवत का उम्र सीमा को लेकर यह संदेश पीएम के लिए साफ संकेत है। उन्होने कहा कि पीएम मोदी को इसके बावजूद इस संकेत को समझते हुए सिद्धांत पर चलने के लिए विवश जरूर कर रहा है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी का यह बयान शुक्रवार को यहां मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।





