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मतदाता सूची अपडेट न होने से बढ़ी तकनीकी बाधाएँ, बीएलओ कर रहे मजबूरन तीसरा विकल्प चयन — विधायक सैयदा खातून ने उठाया मुद्दा

फोटो: डुमरियागंज विधायक सैयदा खातून

SIDHARTHNAGAR NEWS: विधानसभा क्षेत्र 306 डुमरियागंज में मतदाता सूची अपडेट न होने और एसआईआर प्रक्रिया में लगातार आ रही तकनीकी समस्याओं को गंभीर बताते हुए विधायिका सैयदा खातून ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर त्वरित समाधान की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या समय रहते दूर नहीं हुई, तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम आगामी मतदाता सूची से कट सकते हैं।
विधायिका द्वारा भेजे गए पत्र में उल्लेख है कि क्षेत्र के कई पोलिंग स्टेशनों पर वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली अपलोड न होने के कारण बीएलओ गणना प्रपत्रों को सत्यापित नहीं कर पा रहे हैं। बूथ संख्या 192, 193, 194, 431, 443, 444, 445, 446, 447, 448, 449 और 450 सहित कई स्थानों पर Record Not Found की स्थिति लगातार सामने आ रही है। बीएलओ के अनुसार लगभग 70% फॉर्म इसी त्रुटि के कारण अटक जाते हैं। फॉर्म के तीन विकल्पों में तकनीकी दिक्कत — पहले और दूसरे विकल्प पर चयन ही संभव नहीं
1.एसआईआर फॉर्म ऑनलाइन भरते समय बीएलओ के सामने तीन विकल्प आते हैं—
2.क्या आवेदक 2003 की निर्वाचक नामावली में पंजीकृत है?
3.क्या आवेदक के माता–पिता या दादा–दादी वर्ष 2003 की सूची में दर्ज हैं?
आवेदक न 2003 की सूची में है और न किसी संबंधी का लिंक उपलब्ध है।
लेकिन तकनीकी त्रुटियों के कारण विकल्प–1 और विकल्प–2 पर क्लिक ही नहीं हो रहा, जबकि फॉर्म तकनीकी रूप से इन्हीं विकल्पों से सत्यापित होना चाहिए। इस स्थिति में बीएलओ के सामने मजबूरी हो जाती है कि वे केवल तीसरे विकल्प पर क्लिक करके ही फॉर्म सबमिट करें। पत्र में विधायिका ने स्पष्ट किया कि “ज्यादातर फॉर्म बीएलओ द्वारा सिर्फ तीसरा विकल्प चुनकर ही ऑनलाइन किए जा रहे हैं, क्योंकि सिस्टम पहले दो विकल्पों को स्वीकार ही नहीं करता।” इससे बड़ी संख्या में फॉर्म गलत श्रेणी में अपलोड हो रहे हैं, जो आगे चलकर मतदाता सूची में गंभीर विसंगतियां पैदा कर सकते हैं। विधायिका ने आशंका जताई कि यदि समस्या तुरंत ठीक नहीं हुई, तो 9 दिसम्बर 2025 को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में अनावश्यक नाम कटौती हो सकती है, जिससे हजारों मतदाता प्रभावित होंगे। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से 2003 की मूल मतदाता सूची सभी बूथों पर उपलब्ध कराने, सॉफ्टवेयर में आ रही त्रुटियों को दूर करने और बीएलओ द्वारा फॉर्म अपलोड करने की प्रक्रिया को सुचारू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है, इसलिए तकनीकी खामियों का तत्काल समाधान आवश्यक है।