JHANSI NEWS: संस्था “प्रयास: सभी के लिए” के तत्वावधान में आयोजित पंचदिवसीय युवा महोत्सव–2026 का तृतीय दिवस स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर बौद्धिक ऊर्जा, वैचारिक गंभीरता एवं सामाजिक चेतना के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर यह संदेश उभरकर सामने आया कि भूले-बिसरे खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की सशक्त पाठशाला हैं। कार्यक्रम बिपिन बिहारी महाविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। “भूले-बिसरे खेल और समाज व राष्ट्र में उनकी भूमिका” विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मनोज (विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), विशिष्ट अतिथि सुधीर सिंह (जिलाध्यक्ष भाजपा, महानगर झांसी) एवं तीर्थ कुमार शर्मा (प्रधानाचार्य, बी.बी.सी.) द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अभिषेक सेन, दीपांशु डे एवं राजू देवलिया भी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि मनोज जी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी स्वस्थ, अनुशासित एवं चरित्रवान युवा पीढ़ी होती है। भूले-बिसरे खेल युवाओं में शारीरिक सुदृढ़ता के साथ-साथ सहयोग, संयम, धैर्य और नेतृत्व के गुणों का विकास करते हैं। जब युवा मैदान में खेलना सीखता है, तभी वह जीवन के संघर्षों और सफलताओं को संतुलन के साथ स्वीकार करना सीखता है। महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में युवा स्क्रीन तक सीमित होते जा रहे हैं, जिससे मानसिक तनाव और सामाजिक दूरी बढ़ रही है। ऐसे समय में पारंपरिक खेल सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास संभव है, जो एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण करता है। संस्थापक अध्यक्ष मनमोहन गेड़ा ने संस्था के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “प्रयास: सभी के लिए” संस्कृति, संस्कार और स्वास्थ्य को साथ लेकर चलने वाली एक विचारधारा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ना है। भाषण प्रतियोगिता में वैष्णवी दुबे, खुशबू, कीर्ति यादव, प्रिया कुशवाहा, साक्षी चक्रवर्ती, चंचल श्रीवास, रिमझिम, सोनिया गोस्वामी, ललित भार्गव, अर्पिता गोस्वामी, तनुष्का व्यास एवं मधु वर्मा सहित 12 प्रतिभागियों ने विचार प्रस्तुत किए। सभी प्रतिभागियों को अध्यक्ष रामबाबू शर्मा द्वारा उपहार देकर सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. वेद प्रकाश शुक्ला, डॉ. दिलीप कुमार सिंघल एवं डॉ. विनोद चन्द्र द्विवेदी शामिल रहे। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा 14 जनवरी को आयोजित सांस्कृतिक समापन संध्या में की जाएगी। कार्यक्रम का संयोजन नवीन श्रीवास्तव एवं राकेश मेहरोत्रा ने किया, जबकि संचालन रामकुमार लोहिया एवं डॉ. सिप्पी दासानी ने किया। अंत में बैदेही शरण सरावगी एवं महेंद्र दीवान ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि 13 जनवरी को आई.एम.ए. भवन में सिंगिंग एवं डांसिंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी।
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