JALAUN NEWS: अपनी जनता पार्टी जिला इकाई ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज के लोगों पर लगातार बढ़ रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को कठघरे में खड़ा किया गया।पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा के शासन में अराजकता चरम पर है। पूरे देश में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर हिंसा, भेदभाव और अत्याचार की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि भाजपा शासित राज्य कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुए हैं और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है।पार्टी पदाधिकारियों ने जालौन जनपद में बीते तीन वर्षों के दौरान हुई कई गंभीर घटनाओं का हवाला दिया — जिनमें छात्राओं की हत्याएं, दुष्कर्म, लूट, तथा पुलिस हिरासत में मौत जैसे प्रकरण शामिल हैं। उनका कहना था कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होना कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।ज्ञापन में न्यायपालिका पर हुए अपमानजनक हमले का भी उल्लेख किया गया तथा मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर जूता फेंकने की घटना में अब तक कोई कानूनी कार्रवाई न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई।मुख्य मांगें:CJI पर जूता फेंकने वाले आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी।SC/ST/OBC व मुस्लिम समाज के नौजवानों की हत्याओं व अत्याचारों पर प्रभावी रोक।गैंगरेप, बलात्कार व हत्या के मामलों में शामिल अभियुक्तों की त्वरित गिरफ्तारी।लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई।जातीय व धार्मिक भेदभाव वाली कार्यवाहियों पर तत्काल रोक।यह ज्ञापन शिवकुमार, डॉ. भगवान सिंह राठौर, महेंद्र कुमार, प्रदीप पाल, संतोष शाक्यवार, राजवीर सिंह, मनोज कुमार, वैलारा शहजाद तैनिक सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से दिया।







