वीर बाल दिवस पर याद किए गए साहिबज़ादा जोरावर सिंह और फतेह सिंह
गुरुद्वारा सिख संगत में कीर्तन अरदास, कवि दरबार, प्रदर्शनी व संगोष्ठी का आयोजन
PRAYAGRAJ NEWS: शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबज़ादों— साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह को याद किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा सिख संगत अलोपी बाग में कीर्तन अरदास कवि दरबार व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि वीर बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता। 26 दिसंबर 1705 को गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों— साहिबज़ादा जोरावर सिंह और साहिबज़ादा फतेह सिंह ने धर्म, आस्था और सत्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। 6 और 9 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने अत्याचार के आगे झुकने से इनकार कर दिया। वीर साहिबजादे भारत का गौरव हैं जो क्रूर मुगल सल्तनत के सामने चट्टान की तरह खड़े हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबजादों की वीरता से प्रेरित वीर बाल दिवस मनाना शुरू किया। आज पूरे देश में 26 दिवस को ये दिवस गर्व के साथ मनाया जाता है। भाजपा प्रदेश मंत्री अनामिका चौधरी ने कहा कि साहिबजादों का यह बलिदान न केवल सिख इतिहास में बल्कि पूरे भारतीय इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता, साहस और सत्य के प्रति अटूट निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए उम्र नहीं, बल्कि साहस और संकल्प आवश्यक होता है। इस अवसर पर वीर साहिबजादों के वीरता की कहानी कहती प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें उनकी वीरता की गाथा प्रदर्शित की गई। सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। वीर बाल दिवस संयोजक मनु चावला, परमजीत सिंह बग्गा, पतविंदर सिंह, लखविंदर सिंह, परमिंदर सिंह, प्रेमजीत सिंह गुजराल, रजिंदर सिंह, अजय सिंह, अरुण पटेल, विवेक गौड़, संजय राजन, विश्वास श्रीवास्तव, दीप द्विवेदी, प्रवक्ता पवन श्रीवास्तव, सह मीडिया प्रभारी विवेक मिश्रा उपस्थित रहे।







