ओबीसी,एससी की हकमारी पर चुप्पी साधे हैं भाजपाई ओबीसी, एससी नेता-लौटनराम निषाद
LUCKNOW NEWS: उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा ओबीसी,एससी आरक्षण पर भयानक हमला हुआ है। ओबीसी,एससी के सैकड़ों पदों की डकैती कर ली गई है। देश भर में ऐसा पहले शायद ही कभी हुआ हो। एक लाख से डेढ़ लाख सेलरी वाले राजपत्रित अधिकारियों की पोस्ट पर भर्ती का विज्ञापन आया है।कई साल बाद इनकी वैकेंसी आई हैं। इसलिए एक पद की लूट भी बहुत मायने रखती हैं। ये कोई मज़ाक़ नहीं है।भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि जब प्रदेश में ओबीसी,एससी के हिस्से की खुलेआम लूट की जा है और भाजपाई ओबीसी,एससी नेता उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली का गला घोंटकर की जा रही पदों की हकमारी व डकैती पर चुप्पी साधे हुए हैं। संवैधानिक पद पर बैठे योगी आदित्यनाथ पूरी तरह तानाशाही पर उतर कर सपा को बदनाम करने के लिए झूठ पर झूठ बोल व बोलना रहे हैं।
भाजपा के ओबीसी,एससी नेता उनके वर्ग के हिस्से की डकैती पर मौन धारण कर गुलामी का परिचय दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि ओबीसी,एससी के संवैधानिक हिस्से की लूट पर केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह, अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद, धर्मपाल सिंह लोधी,आशीष पटेल, साक्षी महाराज, धर्मपाल सैनी, एसपी सिंह बघेल,
अनिल राजभर, चौ.लक्ष्मीनारायण, भूपेन्द्र चौधरी, राकेश सचान आदि निजस्वार्थ में गुलाम बनकर अपने समाज के वर्ग की बर्बादी का तमाशा देख रहे हैं। निषाद ने उदाहरण के तौर पर बताया कि वेटनरी ऑफ़िसर (पशु चिकित्सक) के विज्ञापित कुल 404 पदों में 109 पद न देकर ओबीसी को शून्य कर दिया गया है। मंडल कमीशन विरोधी भाजपा ओबीसी को उत्तर प्रदेश आरक्षण नियमावली के अनुसार 27% के हिसाब से जहां 109 पद आरक्षित होना चाहिए, पूरे के पूरा हिस्से की डकैती कर ली गयी है। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के कुल 221 पदों में ओबीसी को 60 पदों के सापेक्ष मात्र 20 सीट आरक्षित कर ओबीसी की खुलेआम आरी 40 पदों की डकैती कर ली गयी है।चिकित्सा अधिकारी (होम्योपैथिक) के 7 पद में ओबीसी को 2 पद मिलना चाहिए लेकिन ओबीसी की दोनों पदों की हक़मारी की गई है। निषाद ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापित चिकित्सा अधिकारी (यूनानी) के कुल 25 पदों में ओबीसी को 6 पद की बजाय 3 पद आरक्षित कर ओबीसी के 3 पदों की हक़मारी की गई है। चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद) के कुल 168 पद को विज्ञापित किया गया है,आरक्षण नियमावली के अनुसार ओबीसी को 27% के अनुसार 45 पद की जगह मात्र 15 पद आरक्षित कर ओबीसी के 30 पदों की हक़मारी की गयी है। उन्होंने आगे बताया कि दंत चिकित्सक के 157 पदों में कोटा के अनुसार ओबीसी को 42 के सापेक्ष 39 सीट देकर ओबीसी के 3 पद की हक़मारी की गई है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रवर्तन कांस्टेबल भर्ती विज्ञापन मेंकुल 477 पदों में 190/191 अनारक्षित पदों के सापेक्ष 225 पद अनारक्षित कर सामान्य वर्ग को 34/35 अतिरिक्त दिया गया है। ओबीसी को 128/129 पदों के सापेक्ष 99 पद ही आरक्षित कर 28/29 पदों की हकमारी की गयी है।वही एससी के 100 सीटों के सापेक्ष 93 पद आरक्षित कर 7 पद की हकमारी की गयी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा कुल लगभग 2100 पदों के विज्ञापन में ही लगभग 200 पद ओबीसी के लूट लिये गये हों, ऐसे विज्ञापन को क्या तत्काल रद्द नहीं किया जाना चाहिए? आरक्षण ओहियो नियमावली का गला घोटने वाले दोषियों को सख़्त सजा दी जाए, जिसने ये सब किया और तत्काल दुबारा संशोधित विज्ञापन विज्ञापित किया जाये।और बिना पेपर लीक के नियुक्ति को अन्तिम रूप दिया जाये। सरकार नौकरी न देने की साज़िश के तहत ऐसी साजिश कर रही है।







