Home आस्था भगवान के प्रति किया गया कर्म ही हुआ करता है फलीभूत- सर्वेशपति

भगवान के प्रति किया गया कर्म ही हुआ करता है फलीभूत- सर्वेशपति

समापुर में कथा विश्राम के दिन कर्मयोग की व्याख्या सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
PRATAPGARH NEWS: बाबूगंज के समीप समापुर में हो रही श्रीमदभागवत कथा के विश्राम दिवस पर कथाव्यास पं0 सर्वेशपति त्रिपाठी जी ने भगवान कृष्ण के कर्मयोग का श्रद्धालुओं को बोध कराया। उन्होने कहा कि मनुष्य को अपने कर्म निजी स्वार्थ तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्होने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोग समझाते हुए बताया कि वह समस्त कर्म पुण्यदायी हुआ करता है जिसमें भगवान के प्रति समर्पण का भाव हुआ करता है। उन्होने कहा कि संसार के कल्याण के लिए किया गया कर्म ही जीवन का सच्चा कर्म है। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमदभागवत कथा मे भगवान के दिये गये उपदेश का पालन कर जीवन को संवारा जा सकता है। कथा के दौरान भक्तिमयी भजन संकीर्तन में भी श्रद्धालु मंत्रमुग्ध दिखे। संचालन रामू मिश्र ने किया। कथा के संयोजक रामप्रकाश मिश्र एवं चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी ने श्रद्धालुआंे की ओर से कथावाचक को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस मौके पर चंद्रभाल शुक्ल, आलोक मिश्र, अनिल मोदनवाल, विंदेश्वरी सरोज, शिवलाल वैश्य, संतोष जायसवाल, राजाराम मिश्र, यमुना प्रसाद तिवारी, राम अभिलाष मिश्र, रामआसरे तिवारी, कल्लू वर्मा, उदयराज मिश्र, रामलखन भारती आदि रहे।