Home उत्तर प्रदेश भगवान का स्मरण ही जीवन का आनन्द:पं. गिरीशपति जी महराज

भगवान का स्मरण ही जीवन का आनन्द:पं. गिरीशपति जी महराज

बूढ़ेश्वरनाथ धाम में श्रीमदभागवत कथा में कथाव्यास पं. मनीषकृष्ण शास्त्री ने गुरूमहिमा का किया बखान

FATEHPUR NEWS: सांगीपुर क्षेत्र के देउम स्थित बाबा बूढ़ेश्वरनाथ मंदिर में हो रही श्रीमदभागवत कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी दिखी। वहीं रविवार की देर शाम अयोध्या के महापौर व श्रीधाम स्थित तीन त्रिशूल तिवारी मंदिर के पीठाधीश्वर पं0 गिरीशपति त्रिपाठी का श्रद्धालुओं ने श्रीअभिषेक किया। महापौर पं0 गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि सनातन संस्कृति का गौरव वैश्विक मानव कल्याण की चमक लिए हुए है। उन्होने कहा कि गौ-संरक्षण के लिए सनातन समाज को अपने उत्तरदायित्व के प्रति गंभीर होना होगा। पीठाधीश्वर पं. गिरीशपति जी ने कहा कि जीवन का आनन्द भगवान के स्मरण में ही है। उन्होने कहा कि भगवान का स्मरण भी जीवन की पुण्य साधना हुआ करती है। कथाव्यास संस्कृत विद्वान आचार्य पं. मनीष कृष्ण शास्त्री ने कहा कि गुरू की महिमा सदैव शिष्य के लिए वरदान स्वरूप हुआ करती है। उन्होने बताया कि भगवान के नाम और दर्शन का प्रतिफल जीवन के अन्त को भी वैकुण्ठदायी बना दिया करता है। उन्होने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण जी की बाल लीलायें ही राक्षसी संहार का जगत को पुण्य प्रदान कर गयी। कार्यक्रम के संयोजक अरूणेश मिश्र व रामकृष्ण मिश्र नगरहा ने महापौर पं. गिरीशपति त्रिपाठी को श्रद्धालुओं की ओर से अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया। श्रीरामचरितमानस राष्ट्रीय ग्रन्थ संरक्षा अभियान की ओर से राष्ट्रीय संयोजक ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने पीठाधीश्वर पं. गिरीशपति को जगदगुरू धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महराज का चित्र प्रदान कर अभिषेक किया। साहित्यकार पवन प्रखर की गुरूवंदना मनमोहक दिखी। कथा में भक्ति संगीत पर महिला श्रद्धालुओं को संगत में देखा गया। इस मौके पर पं. कैलाशपति मिश्र, अरविंद मिश्र, राजकुमार मिश्र, फूलचंद्र पाण्डेय, सुजीत तिवारी, अखिलेश मिश्र, दिनेश सिंह, मुरलीधर तिवारी, मनीष शुक्ला, राजकुमार तिवारी, हृदय नारायण मिश्र आदि रहे।