PRAYAGRAJ NEWS : बारा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन सोमवार को भी लगातार जारी रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। धरना स्थल पर सैकड़ोंअधिवक्ताओं की मौजूदगी से माहौल काफी गरम रहा। अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर अभद्रव्यवहार और कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाते विरोध प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन बारा के मंत्री अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि उपजिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम और तहसीलदार रोशनी सोलंकी द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अक्सर अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं की समस्याओं और मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। कई महत्वपूर्ण फाइलें लंबित पड़ी रहती हैं, जिन पर कोई भी सक्षम अधिकारी विचार नहीं करता । द्विवेदी ने कहा कि तहसील में केवल उन फाइलों पर ध्यान दिया जाता है जिनमें पैसे का लेन-देन होता है, जबकि सामान्य और लंबित मामलों की फाइलें कार्यालय में एक किनारे डंप कर दी जाती हैं। धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तोआंदोलनधरने के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते
उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली से आम लोगों और अधिवक्ताओं दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार एसोसिएशन बारा के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन के सभी सदस्य एकजुट हैं और अधिवक्ताओं के सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लापरवाही और अभद्र व्यवहार करने वाले अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए तथा लंबित फाइलों पर शीघ्र कार्रवाई नश्चित की जाए। धरना प्रदर्शन के दौरानअधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन केखिलाफ नारेबाजी भी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल अधिवक्ताओं का धरनाजारी है और प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नमिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही जा रही है।







