2013 में घटित हुई थी घटना
FATEHPUR NEWS: विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने 2013 के एक बलात्कार मामले में अपना फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी महेंद्र कुमार द्वितीय की अदालत ने अभियुक्त बुद्धू तिवारी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला ललौली थाना क्षेत्र का है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, घटना 7 जनवरी 2013 को हुई थी। 16 वर्षीय पीड़िता अपने गांव में मौसी के घर एक छठी कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। रात करीब 9 बजे जब वह कार्यक्रम से खाना खाकर घर लौट रही थी और ताला खोल रही थी, तभी गांव के बुद्धू तिवारी उर्फ बुद्धराज तिवारी पुत्र स्वर्गीय बाबूलाल ने उसे जबरन घसीट लिया। अभियोजक देवेश कुमार श्रीवास्तव (विशेष लोक अभियोजक, पॉक्सो एक्ट) और नामिका अधिवक्ता रवीदत्त द्विवेदी ने बताया कि अभियुक्त पीड़िता को हनुमान मंदिर के पास ले गया। उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद, उसने पीड़िता को कोई नशीला पदार्थ खिलाकर और उसका मुंह बांधकर तालाब के किनारे छोड़ दिया। होश में आने पर पीड़िता के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके पिता और चाचा मौके पर पहुंचे। पीड़िता ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने बुद्धू तिवारी को दोषी पाया. अदालत ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत बलात्कार के अपराध के लिए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना) के तहत 6 माह के कारावास और 500 रुपये के जुर्माने की सजा भी दी गई है।







