FATEHPUR NEWS: सचिव, पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार बुधवार को जनपद न्यायालय के मीटिंग हॉल में “बचाएं, कल सुरक्षित करें” शीर्षक से पर्यावरण कानूनी साक्षरता और सामुदायिक संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर ने की। कार्यक्रम में समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। डॉ. के. एन. सिंह, योजना निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस योजना निदेशक, उत्तर प्रदेश ने हरे औषधीय पौधों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रभाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुखार, जीका वायरस और अन्य शारीरिक रोगों में हरे औषधीय पौधों का उपयोग लाभकारी है। उन्होंने बताया कि हरी पत्तियों और मसालों का मिश्रण बनाकर सेवन करने या काढ़ा बनाकर पीने से बुखार और अन्य रोगों में राहत मिलती है। साथ ही लटजीरा, मदार, तुलसी और पीपल (पिपरी) के पौधों के स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लाभ के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को औषधीय पौधों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना है।







