Home उत्तर प्रदेश फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर सेक्सटॉर्शन करने वाला गिरोह बेनकाब, दो शातिर गिरफ्तार

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर सेक्सटॉर्शन करने वाला गिरोह बेनकाब, दो शातिर गिरफ्तार

साइबर क्राइम थाना फतेहपुर की बड़ी कार्रवाई, मोबाइल सिम और बैंक खाता सप्लायर भी गिरफ्त में
FATEHPUR NEWS: फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर सेक्सटॉर्शन के नाम पर आमजन से वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस थाना फतेहपुर ने पर्दाफाश करते हुए गिरोह के वांछित अभियुक्त सहित दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के निकट पर्यवेक्षण में की गई। साइबर क्राइम थाना द्वारा प्रतिबिम्ब पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान 23 नवंबर 2025 को संकलित इलेक्ट्रॉनिक एवं अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि अभियुक्त फर्जी तरीके से प्राप्त मोबाइल सिम का प्रयोग कर स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को अश्लील वीडियो देखने के आरोप में मुकदमे व गिरफ्तारी का भय दिखाते थे और उनसे रुपये ऐंठते थे। पुलिस ने इस मामले में पंजीकृत अपराध संख्या 34/2025 (धारा 319(2), 318(2), 3(5), 338, 308(6) बीएनएस व 66C/66D आईटी एक्ट) के अंतर्गत वांछित अभियुक्त जितेन्द्र सिंह तथा मोबाइल सिम एवं बैंक खाता सप्लायर अविनाश को 26 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया। अभियुक्त कूटरचित दस्तावेजों से अलग-अलग नाम-पते पर सिम प्राप्त कर गांव के बाहर समूह में बैठकर कॉलिंग करते थे। पीड़ितों को पोर्न/अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर मुकदमे व गिरफ्तारी का डर दिखाया जाता था। ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में मंगवाकर जनसेवा केंद्र व एटीएम से निकाली जाती थी। यह गिरोह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के लोगों को निशाना बनाता था। राज्यों के अनुसार मोबाइल नंबरों के शुरुआती अंकों (जैसे 8252, 9140, 9179) का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कई सदस्यों का पूर्व आपराधिक इतिहास है और इनके संबंध कानपुर नगर सहित अन्य जिलों के साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं। एनसीआरपी पोर्टल पर सत्यापन में गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा प्रयुक्त बैंक खातों पर वर्ष 2024 से अब तक छह शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
गिरफ्तारी व बरामदगी बरामदगी में तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा ₹7,000 नकद (सिम/बैंक खाता विक्रय की राशि) शामिल है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों जितेन्द्र सिंह – गाजीपुर रोड, बैंक ऑफ बड़ौदा के पास (राधानगर) एवं  अविनाश – कस्बा ओरन, अतर्रा रोड (बांदा) को विधिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है।
गिरफ्तारी में साइबर क्राइम पुलिस थाना के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, निरीक्षक मोहम्मद क़मर खान, मुख्य आरक्षी  सुमेश कुमार, आरक्षी शुभेंदु रंजन एवं आरक्षी अजय कुमार मुख्य रूप से रहे हैं।