PRAYAGRAJ NEWS: रविवार से पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है जो लगभग 15 दोनों का होगा जिसमें पितरों को तर्पण करने के लिए पिंडदान करने की प्रथा है। सनातन हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष में पिंडदान का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इन दिनों में पूर्वजों को किये गए पिंडदान का फल उन्हें प्राप्त होता है और मोक्ष मिलता है।वही लोग अपने पितरों के तर्पण के लिए गया धाम भी जाते है। तो वही तीर्थ पुरोहित कहते है कि पहला पिंडदान प्रयागराज में होता है। पितृ मुक्ति का प्रथम व मुख्य द्वार कहे जाने की वजह से संगम नगरी प्रयागराज में पिंडदान और श्राद्ध का विशेष महत्व है। यही वजह है कि पितृ पक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में आकर पुरखों का तर्पण और पिंडदान करते हैं।







