कमिश्नर, डीएम, मेलाधिकारी, संत, तीर्थपुरोहित पूजन में हुए शामिल
PRAYAGRAJ NEWS: (कुलदीप सिंह) प्रयागराज के त्रिवेणी तट पर मंगलवार को विधि-विधान से गंगा पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अनुष्ठान संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने माँ गंगा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की मंगलकामनाएँ कीं। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही साधु-संतों व स्थानीय जनमानस की उल्लेखनीय सहभागिता रही। गौरतबल हो कि मंगलवार को गंगा पूजन में यजमान के रूप में कमिश्नर सौम्या अग्रवाल,डीएम मनीष कुमार वर्मा, पीडीए उपाध्यक्ष व मेला अधिकारी ऋषि राज, मेला प्रबंधक विवेक कुमार शुक्ला,पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार और मेले की तैयारी से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। गंगा पूजन में मेले के आयोजन से जुड़े अफसरों के साथ मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, मठ बाघम्बरी गद्दी के पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरी,अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के राष्टीय अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज, महामंत्री स्वामी शंकर आश्रम महराज,प्रबंधन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी महेन्द्र आश्रम,समेत कई संत, महात्मा और तीर्थ पुरोहित गंगा पूजन में शामिल हुए। हर साल माघ मेले से पहले गंगा पूजन किए जाने की परंपरा है। गंगा पूजन के बाद माघ मेले की तैयारियां तेज हो जाती हैं। इस बार माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व से हो रही है। इसी के साथ कल्पवास का संकल्प लेकर हजारों कल्पवासी कल्पवास की भी शुरुआत करेंगे। दूसरा स्नान पर्व 15 जनवरी को मकर संक्रांति,तीसरा स्नान पर्व मौनी अमावस्या 18 जनवरी, चैथा स्नान पर्व बसन्त पंचमी का 23 जनवरी , पांचवां स्नान पर्व माघी पूर्णिमा 01 फरवरी को होगा। माघी पूर्णिमा के साथ ही कल्पवासी कल्पवास पूरा कर अपने घरों को लौटेंगे, जबकि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व के साथ माघ मेले का समापन होगा।
44 दिन का होगा माघ मेला
प्रयागराज। संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले में 44 दिनों तक धर्म और अध्यात्म की बयार बहेगी। गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिव्य और भव्य महाकुंभ 2025 के बाद आयोजित होने वाले इस माघ मेले को मिनी कुंभ के तौर पर आयोजित करने का निर्देश दिया है। जिसके चलते इस बार माघ मेले में कई नए प्रयोग भी किया जा रहे हैं। प्रयागराज मेला प्राधिकरण की अध्यक्ष और कमिश्नर प्रयागराज मंडल सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर में बसेगा। इस बार एक अतिरिक्त सेक्टर बनाया जाएगा। माघ मेले में 6 के बजाय 7 सेक्टर बनेंगे जबकि इस बार एक अतिरिक्त पांटून ब्रिज भी बनेगा। यानी इस बार माघ मेले में 6 के बजाय 7 पांटून ब्रिज बनेंगे। कमिश्नर ने बताया कि मेले में पुराने अनुभवों से जहां फायदा मिलेगा, वहीं कुछ नए प्रयोग भी किया जा रहे हैं। माघ मेला भी दिव्य और भव्य हो इसके लिए तैयारियां पूरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि गंगा पूजन के साथ ही आज जमीन आवंटन का भी शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे मेले की तैयारी में तेजी आएगी। उन्होंने कहा है कि माघ मेले की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है और समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। माघ मेले में 4000 से ज्यादा संस्थाओं को बसाया जाएगा। मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी के मुताबिक सीएम योगी के निर्देश पर मेले की बेहतर तैयारी की जा रही है। ताकि माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं,साधु-संतों और कल्पवासियों को किसी तरह की परेशानी ना हो।







